झारड़ा। मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा परीक्षा से ठीक एक दिन पहले झारड़ा का परीक्षा केंद्र हटाकर उज्जैन स्थानांतरित किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरुवार को शासकीय महाविद्यालय झारड़ा में धरना-प्रदर्शन कर परीक्षा केंद्र को पुनः झारड़ा में बहाल करने की मांग उठाई। इस दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं नगर मंत्री दीपेश कुमावत के नेतृत्व में महाविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत कराया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय ने 22 जून को महाविद्यालय को पत्र जारी कर झारड़ा परीक्षा केंद्र को समाप्त कर उज्जैन स्थानांतरित करने की सूचना दी, जबकि 23 जून को सुबह 9 बजे से परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा से महज एक दिन पहले लिए गए इस निर्णय से परीक्षार्थियों को अंतिम समय में उज्जैन जाने की व्यवस्था करनी पड़ी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि विद्यार्थियों को जारी किए गए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) में परीक्षा केंद्र झारड़ा ही अंकित था, जिससे छात्र अंतिम समय तक असमंजस में रहे और अचानक केंद्र बदलने से उन्हें आर्थिक, मानसिक एवं आवागमन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एबीवीपी ने कहा कि झारड़ा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से अध्ययन करने वाले कई विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन उज्जैन तक आने-जाने का परिवहन व्यय वहन करना आसान नहीं है। परीक्षा केंद्र हटाए जाने का सबसे अधिक असर इन्हीं ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर पड़ा है।
धरने के दौरान एबीवीपी ने आरोप लगाया कि झारड़ा महाविद्यालय की प्राचार्य एवं भोज विश्वविद्यालय की परीक्षा केंद्र समन्वयक द्वारा परीक्षा केंद्र झारड़ा से हटाने के लिए विश्वविद्यालय को आवेदन भेजा गया था, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने केंद्र उज्जैन स्थानांतरित कर दिया। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
इस संबंध में प्रभारी प्राचार्य प्रभा कौशल ने बताया कि भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के परीक्षार्थियों की संख्या 10 से कम होने के कारण विश्वविद्यालय द्वारा झारड़ा परीक्षा केंद्र हटाकर उज्जैन किया गया था। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को देखते हुए महाविद्यालय प्रबंधन विश्वविद्यालय से पुनः झारड़ा में परीक्षा केंद्र प्रारंभ करने का प्रयास करेगा, ताकि आगामी परीक्षाओं में स्थानीय विद्यार्थियों को सुविधा मिल सके।
धरने के दौरान एबीवीपी ने मांग की कि मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए झारड़ा परीक्षा केंद्र को पुनः बहाल करे तथा भविष्य में परीक्षा से ठीक पहले इस प्रकार के निर्णय न लिए जाएं। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में झारड़ा परीक्षा केंद्र पुनः प्रारंभ करने संबंधी कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो छात्रहित में चरणबद्ध एवं व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की होगी।.
संवाददाता प्रदीप बैरागी
