फादर्स डे के अवसर पर एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब यातायात प्रभारी सीधी भूपेश बैस की बेटी तानिशी बैस अपने पिता के चेंबर पहुंची और उनके कार्यों को करीब से समझने का प्रयास किया।
इस दौरान तानिशी ने जाना कि पुलिस की नौकरी केवल वर्दी और अधिकार तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें अनुशासन, जनसेवा, त्वरित निर्णय क्षमता और कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य निभाने की बड़ी जिम्मेदारी होती है।
यातायात प्रभारी भूपेश बैस ने अपनी बेटी को यातायात व्यवस्था संचालन, सड़क सुरक्षा, आमजन की सहायता और पुलिस विभाग की कार्यशैली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस सेवा में समय की कोई सीमा नहीं होती और कई बार पारिवारिक समय से अधिक कर्तव्य को प्राथमिकता देनी पड़ती है।
अपने पिता के कार्यों को देखकर तानिशी ने गर्व व्यक्त किया और कहा कि आज उन्हें समझ आया कि उनके पिता समाज की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कितनी मेहनत और समर्पण से कार्य करते हैं।
फादर्स डे पर यह पल केवल पिता-पुत्री के रिश्ते को मजबूत करने वाला नहीं रहा, बल्कि पुलिस सेवा के प्रति सम्मान और नई पीढ़ी को जिम्मेदारियों से परिचित कराने वाला भी बना।
सीधी से संवाददाता -गिरीश शुक्ला की रिपोर्ट
