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जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित, पात्र प्रकरण का चयन कर बैंकों को किया प्रेषित - NN81



भीलवाड़ा = विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के परीक्षण एवं साक्षात्कार के लिए सोमवार को जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आवेदकों द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं का विस्तृत परीक्षण एवं साक्षात्कार किया गया तथा उनकी व्यवसायिक व्यवहार्यता, रोजगार सृजन की संभावनाओं एवं बैंक ऋण आवश्यकता का मूल्यांकन किया गया।


बैठक में कुल 18 प्रकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिनमें डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के 4, राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी के 7 तथा विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के 7 प्रकरण शामिल किये गये।


समिति द्वारा परीक्षण एवं साक्षात्कार उपरांत डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के 2 प्रकरण, विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के 5 प्रकरण तथा राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी के 4 प्रकरण स्वीकृत करते हुए ऋण स्वीकृति एवं वितरण की आगामी कार्यवाही के लिए संबंधित बैंकों को अग्रेषित किए जाएंगे।


डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को सेवा, व्यापार एवं विनिर्माण क्षेत्रों में नए उद्यम स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करती है। योजना के अंतर्गत पात्र उद्यमियों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत( अधिकतम 25लाख) मार्जिन मनी अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 9 प्रतिशत, 25 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक 7 प्रतिशत तथा 5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान है।


विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सेवा एवं विनिर्माण क्षेत्र की परियोजनाओं हेतु 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तथा 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान भी देय है।


इसी प्रकार राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी के अंतर्गत व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत तथा 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान किया गया है।


जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित अन्य पात्र उद्यमियों को स्वरोजगार हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना, नए उद्यमों की स्थापना को प्रोत्साहित करना तथा जिले में रोजगार सृजन एवं औद्योगिक विकास को गति प्रदान करना है।


जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आईटीआई कॉलेज से रमेश कुमार महावर, बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से प्रदीप कुमार, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अशोक पाण्डेय एवं संबंधित योजनाओं के सदस्य सचिव उपस्थित रहे।

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