*'सवाल पूछने वालों को पाकिस्तानी कहना बंद करे सरकार'— छत्रपति संभाजीनगर से युवा नेता का तीखा हमला*
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद छत्रपति संभाजीनगर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। युवा आंदोलनकारी अभिजीत दिपके ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है और सरकार ने करोड़ों छात्रों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।"
### *जंतर-मंतर पर उमड़ी भीड़ को लेकर विरोधियों को जवाब*
आंदोलन में भीड़ कम होने के दावों पर पलटवार करते हुए दिपके ने कहा, "कल जंतर-मंतर पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी, पूरा मैदान खचाखच भरा हुआ था। जिन्हें भी शंका है, वे आंदोलन की तस्वीरें देख लें। इस देश का युवा अब सरकार से डरने वाला नहीं है, वह अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर चुका है।"
इस आंदोलन के दौरान निम्नलिखित मुख्य मुद्दे और मांगें उठाई गईं:
* *६ दिनों का अल्टीमेटम:* यदि शिक्षा मंत्री अगले ६ दिनों में इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा और हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
* *प्रधानमंत्री की जवाबदेही:* अगर देश के प्रधानमंत्री रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रुकवा सकते हैं, तो क्या वे देश में पेपर लीक नहीं रोक सकते? उन्हें इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
* *बेरोजगारी का भीषण सच:* देश में हर साल ५० लाख युवा ग्रेजुएट होकर निकलते हैं, लेकिन उनमें से केवल २० लाख को ही नौकरी मिल पाती है। बाकी बचे ३० लाख ग्रेजुएट्स के भविष्य का क्या?
सवाल पूछने पर सीधे पाकिस्तानी कह देते हो?'
सरकार और आईटी सेल को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, "वेदांत नाम के एक १७ वर्षीय सीबीएसई के छात्र ने जब मार्कशीट चेकिंग की गड़बड़ी को उजागर किया, तो उसे सीधे 'पाकिस्तानी' कह दिया गया। आप पत्रकारों, बेरोजगारों और अपना हक मांगने वालों को पाकिस्तानी कहेंगे, तो फिर भारतीय आखिर है कौन? क्या सिर्फ बीजेपी और आईटी सेल वाले ही भारतीय हैं?"
> "सिर्फ भाई साल में एक बार मतदान करना ही राजनीति नहीं है, बल्कि जिन्हें हमने चुनकर भेजा है उनसे जवाब मांगना असली राजनीति है। जब तक हम सवाल नहीं पूछेंगे, तब तक नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) जैसे घोटाले बंद नहीं होंगे।"
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### *मुख्यमंत्री और राजनीतिक दलों के बयानों पर करारा पलटवार*
यशोमती ठाकुर के 'कॉकरोच विचारधारा' वाले बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा, "हमारी विचारधारा किसी एक पार्टी या व्यक्ति की नहीं है। महात्मा गांधी, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, पंडित नेहरू और शहीद भगत सिंह हमारे प्रेरणास्रोत हैं।"
वहीं, 'अराजकतावादी चेहरा बेनकाब हुआ' वाले मुख्यमंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा, "हम 'जय भीम' के नारे लगाते हैं और डॉ. बाबासाहेब के संविधान को मानते हैं; इसे मुख्यमंत्री अराजकता कैसे कह सकते हैं? उन्हें याद रखना चाहिए कि वे उत्तर प्रदेश के नहीं, बल्कि प्रगतिशील (पुरोगामी) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं। उनके इस बयान पर मुझे शर्म आती है।"
अंत में, उन्होंने कहा, "मेरे माता-पिता को मेरी थोड़ी चिंता और डर रहता है, लेकिन मैं उन्हें और देश के सभी अभिभावकों से कहना चाहता हूँ कि यदि आपके बच्चे अपने हक के लिए बोल रहे हैं, तो डरिए मत। दबाव ही अब हमारी जिम्मेदारी बन चुका है।"
- शिवाजी तांबे, छत्रपती संभाजीनगर।*
