कवर्धा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा वन मंडल कबीरधाम के सहयोग से करिया आमा जंगल सफारी परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने तथा प्रकृति के प्रति लोगों में जागरूकता का संदेश देना रहा। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भुवन पटेल, जिला अध्यक्ष श्याम टंडन, वरिष्ठ पत्रकार डी.एन. योगी, ग्राम पंचायत चौरा की सरपंच दुर्गा लांझी, भोरमदेव अभ्यारण्य के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जय बंजारे, बिट गार्ड लालचंद साहू, शिवकुमारी गोयल,सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकारगण एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पौधारोपण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। अतिथियों ने जंगल सफारी क्षेत्र में छायादार एवं फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान वक्ताओं ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों पर अपने विचार रखे तथा पर्यावरण बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भुवन पटेल ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है और पर्यावरण की सुरक्षा के बिना स्वस्थ भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक असंतुलन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनसे निपटने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
जिला अध्यक्ष श्याम टंडन ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि वन, जल और भूमि का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुड़कर इसे जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
वरिष्ठ पत्रकार डी.एन. योगी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को विशेष महत्व दिया गया है और हमें इस परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज में जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम है और ऐसे आयोजन सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्राम पंचायत चौरा की सरपंच दुर्गा लांझी ने कहा कि ग्रामीण जीवन प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने इस आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
भोरमदेव अभ्यारण्य के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जय बंजारे ने वनों और जैव विविधता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण से न केवल हरियाली बढ़ती है बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छ वायु और वन्यजीव संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और पौधों की सुरक्षा का संकल्प लिया। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की।
करिया आमा जंगल सफारी की प्राकृतिक छटा के बीच आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक सहभागिता और पर्यावरणीय जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। उपस्थित लोगों ने संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन की सामाजिक प्रतिबद्धता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील सोच को दर्शाता है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से हरित एवं स्वच्छ वातावरण का निर्माण संभव है।
