- कानपुर प्रांत के 21 जिलों के 275 स्वयंसेवकों ने प्राप्त किया संघ शिक्षा वर्ग का प्रशिक्षण
- समता, योग और नियुद्ध का प्रदर्शन, संघ शिक्षा वर्ग का हुआ समापन
हमीरपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की परंपरागत कार्यकर्ता निर्माण प्रक्रिया के अंतर्गत स्वयंसेवकों के शारीरिक, बौद्धिक एवं व्यक्तित्व विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राठ नगर स्थित चित्रगुप्त इंटर कॉलेज में 22 मई से आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का समापन शनिवार, 6 जून 2026 को सम्पन्न हुआ। वर्ग में कानपुर प्रांत के 21 जिलों से आए 275 शिक्षार्थी स्वयंसेवकों ने सहभागिता कर विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह का शुभारम्भ अतिथियों के आगमन के पश्चात ध्वजारोहण एवं संघ प्रार्थना से हुआ। इसके उपरांत शिक्षार्थी स्वयंसेवकों ने वर्ग के दौरान प्राप्त 15 दिवसीय प्रशिक्षण का प्रभावी प्रदर्शन किया। पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने समता, दंड संचालन, योग, व्यायाम, नियुद्ध, खेल तथा अन्य शारीरिक कार्यक्रमों का सामूहिक प्रदर्शन प्रस्तुत किया। संघ के घोष की मधुर स्वर लहरियों के मध्य अनुशासन, एकरूपता एवं सामूहिकता का परिचय देते हुए स्वयंसेवकों ने अपने प्रशिक्षण की झलक प्रस्तुत की। उपस्थित नागरिकों एवं अतिथियों ने स्वयंसेवकों के शारीरिक कौशल, आत्मविश्वास तथा अनुशासित प्रदर्शन की सराहना की।
वर्ग के दौरान शिक्षार्थी स्वयंसेवकों को शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ बौद्धिक रूप से भी विविध विषयों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। बौद्धिक सत्रों में भारतीय जीवन-दृष्टि, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सेवा कार्य, नागरिक कर्तव्य, संगठन पद्धति तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य एवं विचार से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। संवाद, समूह चर्चा एवं प्रश्नोत्तर के माध्यम से स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि साईं दाता अलख धाम, राठ के प्रमुख सद्गुरु उद्धार साईं महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि राष्ट्र एवं समाज के प्रति समर्पित, अनुशासित और चरित्रवान युवाओं का निर्माण समय की आवश्यकता है। ऐसे प्रशिक्षण वर्ग समाज जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक कार्यकर्ताओं का निर्माण करते हैं।
मुख्य वक्ता आरएसएस पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज संगठन का कार्य करता है। विविधताओं से युक्त हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्रीय जीवन को सशक्त बनाने का कार्य संघ पिछले 100 वर्षों से कर रहा है। वर्ष 1925 में नागपुर से प्रारंभ हुआ संघ कार्य आज विश्व के अनेक देशों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के विषयों सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव जागरण एवं नागरिक कर्तव्यों के पालन पर विशेष बल दिया जा रहा है। संघ शिक्षा वर्गों के माध्यम से तैयार होने वाले कार्यकर्ता समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को गति प्रदान करते हैं।
समापन समारोह में प्रांत संघचालक भवानी भीख, प्रांत कार्यवाह रामकेश, प्रांत प्रचारक श्रीराम, सह प्रांत कार्यवाह प्रदीप, सह प्रांत प्रचारक मुनीश, वर्ग पालक डॉ. अनुपम दुबे, वर्गाधिकारी उपेंद्र त्रिपाठी, जिला संघचालक शारदादीन यादव, विभाग प्रचारक ऋतुराज, सर्व व्यवस्था प्रमुख संजय महावर, वर्ग कार्यवाह धर्मेंद्र, सह वर्ग कार्यवाह निर्भय सहित अनेक दायित्ववान कार्यकर्ता, स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संवाददाता - दिलीप राजपूत हमीरपुर
