भेष बदलकर पुलिस ने पकड़ा गिरोह, 260 ग्राम सोना और 3 किलो चांदी बरामद
हमीरगढ़ स्थित चामुंडा माता मंदिर में 15 माह पूर्व हुई बहुचर्चित चोरी का खुलासा करते हुए भीलवाड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले में मुख्य सरगना सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चोरी का माल खरीदने वाला आरोपी भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मंदिर से चोरी किए गए करीब 260 ग्राम सोने और 3 किलोग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन एवं सदर वृत्ताधिकारी हरजीराम के सुपरविजन में थाना प्रभारी सुनील कुमार बेड़ा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था।
पुलिस के अनुसार 11 फरवरी 2025 को चामुंडा माता मंदिर के पुजारी पूरण माली ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाश मंदिर का ताला तोड़कर माता की मूर्ति का श्रृंगार, करीब 550 ग्राम सोने के जेवरात, 5 किलो 150 ग्राम चांदी के आभूषण तथा दानपात्र चोरी कर ले गए थे।
सीसीटीवी नहीं, फिर भी पुलिस पहुंची आरोपियों तक
घटनास्थल के पीछे जंगल होने और आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के साथ ही आरोपियों द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किए जाने से जांच चुनौतीपूर्ण थी। इसके बावजूद पुलिस ने मुखबिर तंत्र और पारंपरिक पुलिसिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
जांच के दौरान पुलिस ने ज्ञानदास और घनश्याम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिन्होंने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी राजमल उर्फ राजू कामड़, देवीलाल रावत उर्फ बद्री और रामलाल सालवी को भी गिरफ्तार कर लिया।
कभी आइसक्रीम विक्रेता तो कभी भैंस खरीदार बनी पुलिस
आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। पुलिस टीम, विशेष रूप से हेड कांस्टेबल विशम्बर दयाल, ने भेष बदलकर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। टीम ने कभी लाइनमैन, कभी आइसक्रीम बेचने वाला, कभी टेम्पो चालक और कभी भैंस खरीदार बनकर रेकी की और आखिरकार आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार आरोपी
ज्ञानदास पुत्र गोपीदास कामड़, निवासी पलाना कला, उदयपुर
घनश्याम पुत्र उदयराम नायक, निवासी फेमड़िया खेड़ा, निम्बाहेड़ा
राजमल उर्फ राजू कामड़, निवासी पलाना कला, उदयपुर
देवीलाल रावत उर्फ बद्री, निवासी गणेशपुरा, चित्तौड़गढ़
रामलाल सालवी, निवासी सुदरी, चित्तौड़गढ़
सागर सोनी, निवासी ढोल, उदयपुर (चोरी का माल खरीदने वाला)
विशम्बर दयाल की रही अहम भूमिका
पूरे प्रकरण के खुलासे में हमीरगढ़ थाने के हेड कांस्टेबल विशम्बर दयाल का विशेष और सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अधिकारियों ने टीम की मेहनत की प्रशंसा करते हुए इसे जिले की बड़ी उपलब्धि बताया है।
