उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक पुराने तालाब को बचाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव हुल्लानगर मोहम्मदपुर स्थित गाटा संख्या 584 के तालाब क्षेत्र में मिट्टी डालकर कब्जे की कोशिश की जा रही है, जिससे गांव की जलनिकासी और पर्यावरण पर असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा कि यह तालाब वर्षों से गांव के लोगों के उपयोग में रहा है और बरसात के दिनों में पानी निकासी का मुख्य स्रोत भी है। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा तालाब की जमीन को समतल कर निजी उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है।
इस मामले को लेकर पहले से इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। अदालत ने हाल ही में मामले में सुधार आवेदन स्वीकार करते हुए संबंधित गाटा संख्या को रिकॉर्ड में सही कराने का आदेश दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि अदालत में मामला विचाराधीन होने के बावजूद जमीन की स्थिति बदलने की कोशिश की जा रही है।
गुरुवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला और पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने प्रशासन से तालाब की मौजूदा स्थिति को सुरक्षित रखने और किसी भी प्रकार के निर्माण या मिट्टी डाले जाने पर रोक लगाने की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया। सूत्रों के मुताबिक संबंधित राजस्व अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण किसी भी पक्ष को नियम विरुद्ध गतिविधि की अनुमति न दी जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि तालाब केवल जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि गांव की प्राकृतिक धरोहर है। वहीं प्रशासनिक आश्वासन के बाद फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और तालाब को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
रिपोर्ट मौ। अज़ीम अमरोहा
बाईट बबलू सिंह ग्रामीण
