राज्य सरकार के निर्देशानुसार वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जिलेभर में विभिन्न विभागों के समन्वय से जल संरक्षण, जल बचत एवं जनजागरूकता से संबंधित विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।
जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह संधू के निर्देशानुसार अभियान के तहत आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने एवं जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश देने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा विभागीय अधिकारियों, कार्मिकों, भामाशाहों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से “वंदे गंगा जल सेवा” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड एवं प्रमुख मार्गों पर राहगीरों एवं यात्रियों को शीतल पेयजल उपलब्ध करवाया गया। बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों को भी पेयजल वितरित कर जल सेवा का संदेश दिया गया।
अभियान के अंतर्गत विभिन्न पेयजल स्रोतों, हैंडपंपों एवं जल संरचनाओं की साफ-सफाई कर आमजन को स्वच्छ जल स्रोतों के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही जल बचत एवं जल संरक्षण के प्रति जन-जागृति कार्यक्रमों का आयोजन कर नागरिकों को दैनिक जीवन में जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
विभाग द्वारा जल परीक्षण अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता की जांच कर सुरक्षित पेयजल के प्रति आमजन को जागरूक किया गया। वहीं भूजल विभाग द्वारा “कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान” के अंतर्गत संचालित कार्यों का अवलोकन किया गया तथा जल संरक्षण संरचनाओं एवं भूजल संवर्धन गतिविधियों की समीक्षा की गई।
अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर जल पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा जल को जीवन का आधार बताते हुए उसके संरक्षण का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रमों में आमजन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री धनपत राज सोनी वृत्त भीलवाड़ा, अधिशाषी अभियंता श्री रामप्रसाद जाट, माण्डलगढ़ परियोजना तथा अधिशाषी अभियंता श्री बख्शूराम गुर्जर ग्रामीण खंड भीलवाड़ा सहित विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए अधिकाधिक सहभागिता निभाने की अपील की है।
