भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा का धरना नाईपुरा शाहबाजपुर डोर गांव में 140वें दिन भी जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने गजरौला क्षेत्र की केमिकल फैक्ट्रियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियां बोरवेल के जरिए केमिकल युक्त पानी जमीन में छोड़ रही हैं, जिससे क्षेत्र का भूजल और भोजन जहरीला हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण विभाग की मिलीभगत से यह खेल लंबे समय से चल रहा है और लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। उनका कहना था कि जहरीले पानी के कारण लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं तथा हजारों लोगों की मौत तक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और प्रदूषण विभाग कार्रवाई करने के बजाय फैक्ट्रियों को बचाने में लगा हुआ है।
नरेश चौधरी ने कहा कि यदि पानी जहरीला होने की पुष्टि हो चुकी है तो संबंधित फैक्ट्रियों को तत्काल बंद कर देना चाहिए था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने एसडीएम धनौरा और डीएम अमरोहा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन की चुप्पी लोगों में आक्रोश पैदा कर रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्र के लोग खुद फैक्ट्री गेटों पर ताला लगाकर उन्हें बंद कराने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जैसे मुख्यमंत्री होने के बावजूद अधिकारी उनकी नाक के नीचे इस तरह की लापरवाही कर रहे हैं।
धरने के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि छोटी-छोटी गलतियों पर आम लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाता है, लेकिन हजारों लोगों की जिंदगी खतरे में डालने वाली फैक्ट्रियों पर कार्रवाई नहीं होती। इससे साफ है कि देश में गरीब और उद्योगपतियों के लिए अलग-अलग कानून लागू हैं।
किसानों ने ऐलान किया कि जब तक पानी को प्रदूषित करने वाली फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
धरने में प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण चौहान, मंडल अध्यक्ष अहसान अली, तहसील अध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, धरना प्रभारी होमपाल सिंह समेत कई किसान मौजूद रहे।
रिपोर्ट: मौ. अज़ीम, अमरोहा
