वर्धा जिला महिला एवं बाल विकास विभाग और रूरल प्रॉब्लम सॉल्विंग ट्रस्ट ने मिलकर चाइल्ड लाइन और रूरल प्रॉब्लम सॉल्विंग ट्रस्ट की एक टीम बनाकर घटना की जगह पर पहुंची और परिवारों को बताया कि यह एक जुर्म है और चाइल्ड मैरिज प्रोहिबिशन एक्ट 2006 के तहत कानूनन मना है। बाल विवाह के बारे में एक बयान लिखा गया और परिवारों ने बाल विवाह न करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग चाइल्ड हेल्प लाइन के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर आशीष मोदक माधुरी शंभरकर, सूरज वानखेड़े, तालुका चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रफुल मेश्राम, विलेज चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर ग्रामसेवक अमर कोहले, अंगनवाड़ी वर्कर किरण वाघमारे, आशा वर्कर चंदा भास्कर, वडनेर पोलीस स्टेशन के ठाणेदार घनश्याम पाटील के मार्गदर्शन में पुलिस स्टेशन वडनेर के मनोज सूर्यवंशी, खुशबू गोडघाटे ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट सीटी सीएल कोऑर्डिनेटर संतोष डोन सूरज भगत और वैभव भांडकर ने कार्रवाई की।
वर्धा से सतीश काळे कि रिपोर्ट
