भीलवाड़ा = मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा में पहली बार आयोजित श्री शिव महापुराण कथा ने भक्ति का नया इतिहास रच दिया। प्रसिद्ध कथावाचक ‘कुबेर भंडारी’ पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में मेडिसिटी ग्राउंड में शुरू हुई कथा के पहले ही दिन लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा पांडाल ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।
कथा के शुभारंभ पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने व्यासपीठ पर विराजित होने से पहले भीलवाड़ा की पावन भूमि को नमन किया। कथा स्थल पर बने विशाल पांडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते हर ओर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
बेटियों को बनाओ सामर्थ्यवान
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने समाज को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को संस्कारवान के साथ-साथ सामर्थ्यवान और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मरक्षा के गुण भी सिखाने चाहिए।
उन्होंने ‘बहु पढ़ाओ-देश बचाओ’ का नारा देते हुए कहा कि शिक्षित बहु पूरे परिवार और समाज को सशक्त बनाती है।
भक्ति में झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान ‘दमादम भोले शंकर’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। विशेषकर महिला श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भजनों का आनंद लेते नजर आए। पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
भगवान की इच्छा से होती है कथा
पंडित मिश्रा ने कहा कि कथा का आयोजन भगवान की इच्छा से ही संभव होता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्रयासों के बावजूद कथा नहीं हो सकी, लेकिन इस बार भगवान की कृपा से आयोजन संभव हुआ।
आभूषण पहनकर न आएं कथा में
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि कथा में कीमती आभूषण पहनकर न आएं, बल्कि रुद्राक्ष धारण करें। उन्होंने कहा कि सोने पर चोर की नजर होती है, जबकि रुद्राक्ष पर शिव की कृपा रहती है।
अतिथियों ने की आरती
कथा के प्रथम दिन विश्राम के समय सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर सहित कई जनप्रतिनिधियों और अतिथियों ने आरती की। आयोजन समिति द्वारा पंडित मिश्रा का स्वागत किया गया।
सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं तथा यातायात को सुचारू रखने के लिए वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। वाहनों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त स्थान निर्धारित किए गए हैं।
आयोजन समिति ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी तथा श्रद्धालुओं के लिए छाया, पानी सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
