सोनकच्छ सिविल अस्पताल में संविदा कर्मचारी STLS प्रमिला राठौड़ के मामले में प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विगत दिनों कार्य के प्रति लापरवाही के चलते देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग को स्टॉल्स प्रमिला राठौड़ को निलंबित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जांच कमेटी गठित की गई और जांच के उपरांत प्रमिला राठौड़ को सोनकच्छ सिविल अस्पताल से टोंकखुर्द शासकीय अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पत्र क्रमांक एनएचएम/स्था/2025-26/3265 दिनांक 24 फरवरी 2026 को स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया था, लेकिन आरोप है कि सोनकच्छ सिविल अस्पताल के सीबीएमओ डॉ. राकेश कुमार द्वारा अभी तक इस आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है और न ही प्रमिला राठौड़ को रिन्यूव किया गया है। इससे देवास कलेक्टर के आदेशों की अवहेलना का मामला सामने आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिलादंडाधिकारी के आदेशों का ही पालन नहीं किया जा रहा है तो अन्य विभागीय निर्देशों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि सोनकच्छ सिविल अस्पताल में इन दिनों कई तरह की लापरवाहियां और अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
वहीं इस मामले में सीबीएमओ डॉ. राकेश कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस संबंध में जब देवास सीएमएचओ डॉ. सरोजिनी जेम्स बैग से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि “मैंने तो आदेश निकाल दिए हैं, प्रमिला राठौड़ का रिन्यूव हो जाना था। मैं इस विषय में सोनकच्छ बीएमओ डॉ. राकेश कुमार से बात करूंगी।”
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या अस्पताल में चल रही कथित अनियमितताओं की जांच होती है या नहीं।
सुनील सिंह चौहान
