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सोनकच्छ सिविल अस्पताल में इन्वर्टर-बैटरी चोरी मामला: सीसीटीवी फुटेज देने में टालमटोल, अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल :-NN81




**इन्वर्टर-बैटरी चोरी मामले में सोनकच्छ अस्पताल घिरा सवालों में, पुलिस को नहीं मिल रही फुटेज*


**अस्पताल में चोरी और ऊपर से लापरवाही, सीसीटीवी फुटेज को लेकर जिम्मेदारों की चुप्पी**




सोनकच्छ सिविल अस्पताल में इन्वर्टर और बैटरी चोरी के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आती नजर आ रही है। इस मामले में पहले भी खबर प्रकाशित की जा चुकी है, जिसके बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा बार-बार सीसीटीवी फुटेज की जानकारी मांगी जा रही है, लेकिन अस्पताल के कर्मचारी हर बार अपने उच्च अधिकारियों का हवाला देकर मामले को टालते नजर आ रहे हैं।


सूत्रों के अनुसार, जब भी पुलिस द्वारा फुटेज उपलब्ध कराने की बात की जाती है तो कर्मचारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल देते हैं। वहीं जब उच्च अधिकारियों से संपर्क किया जाता है, तो किसी न किसी बहाने से जवाबदेही से बचने का प्रयास किया जाता है।


इसी क्रम में सोनकच्छ पुलिस ने दोबारा सिविल अस्पताल में कार्यरत बीपीएम दीपक चौहान से भी पूछताछ की। जब इस विषय में हमारे संवाददाता ने दीपक चौहान से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि “मैंने सभी फोटो सोनकच्छ पुलिस को सौंप दिए हैं, वही इस मामले में बताएंगे।” इस तरह का जवाब देकर उन्होंने भी मामले से पल्ला झाड़ लिया। वहीं अब तक चोरी करने वाले व्यक्ति का कोई सुराग सामने नहीं आया है।


जब इस मामले में सोनकच्छ सीबीएमओ डॉ. राकेश कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। इसके बाद जब देवास की सीएमएचओ डॉ. सरोजिनी जेम्स बैग से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि बीपीएम दीपक चौहान द्वारा मामले में टालमटोल की जा रही है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।


इस घटना के बाद नगर में लोगों में नाराजगी का माहौल देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस प्रकार की चोरी होना और उसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा गंभीरता न दिखाना चिंताजनक है। शासन द्वारा लोगों के बेहतर इलाज के लिए अस्पतालों में उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन यदि इस तरह की लापरवाही जारी रही तो आम जनता का स्वास्थ्य विभाग पर विश्वास कमजोर हो सकता है।


अब देखना यह होगा कि इस मामले में विभागीय अधिकारी और देवास जिला प्रशासन लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।

सुनील सिंह चौहान 


**सोनकच्छ/देवास**

*सादिक खान*


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