खिरकिया:-जिला हरदा मध्यप्रदेश
ब्यूरो चीफ़ गिरिराज माहेश्वरी
खिरकिया में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन को लेकर नागरिकों में आक्रोश, कलेक्टर कार्यालय में दर्ज कराई आपत्ति
खिरकिया एस डी एम को भी सोपा ज्ञापन
आगामी पच्चीस वर्ष में भारी यातायात का दबाब पडेगा एसी स्तिथी में नगर होगा असुरक्षित ड्राइंग में शहर के हिसाब से कई विसंगतीया वर्तमान में ही बायपास की आवश्यकता हे नगर में तो फिर यह ब्रिज नगर के मुख्य मार्ग से कयो :- राजेश मेहता अध्यक्ष जन संघर्ष समिती खिरकिया
खिरकिया। नगर में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की डिजाइन और उसके आकार को लेकर नागरिकों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में नागरिक हरदा कलेक्टर एवं खिरकिया एसडीएम कार्यालय पहुँचे और ज्ञापन सौंपते हुए अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराईं। खिरकिया एस डी एम की अनुपस्थिति में उनके बाबू बीकेओ ज्ञापन का वाचन कर सोपा गया इससे पूर्व सुबह ग्यारह बजे सभी प्रभावित लोग वंदना चोराहे पर एकत्रित हुए एक और एक रेली के रुप में एस डी एम आफ़िस पहुचे ।
नागरिकों ने कलेक्टर कार्यालय में जारी धारा 4 के नोटिफिकेशन पर भी औपचारिक आपत्ति प्रस्तुत की। उनका कहना है कि प्रस्तावित ओवरब्रिज की वर्तमान डिजाइन व्यावहारिक नहीं है और इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, धार्मिक स्थलों एवं आमजन को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ओवरब्रिज के निर्माण से शहर के मुख्य मार्ग पर दबाव बढ़ेगा और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। साथ ही, नागरिकों ने आरोप लगाया कि योजना बनाते समय स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों से पर्याप्त चर्चा नहीं की गई।इस दौरान जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेश मेहता, उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल,सचिव अधिवक्ता मनीष तिवारी, सह सचिव बृजेश सोनी, महेंद्रसिंह खनूजा, पूनमचंद गुप्ता, चंपालाल भंडारी,नीरज चंद्रवंशी,राकेश पाराशर, हेमराज प्रजापति, विकास कसेरा, सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं व्यापारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रस्तावित डिजाइन में संशोधन या पुनर्विचार की मांग की।नागरिकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए प्रस्तावित ओवरब्रिज योजना का पुनर्मूल्यांकन किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जन-असुविधा उत्पन्न न हो।
