भीलवाड़ा = प्रदेश के खाद्य मंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। बैठक में सभी जिलों के रसद अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी और निरीक्षक शामिल हुए।
वीसी के दौरान निर्देश दिए गए कि जिले में संचालित सभी गैस एजेंसियों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए। बिना ओटीपी के गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर पूरी तरह रोक रहेगी। साथ ही डिलीवरी के समय उपभोक्ता की डायरी में डिलीवरी मैन के हस्ताक्षर, नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
खाद्य मंत्री ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के तहत पीएनजी कनेक्शन का विस्तार बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके। वहीं सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
जिले में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए गठित कमेटी को स्कूल, अस्पताल, अन्नपूर्णा रसोई, होटल और औद्योगिक इकाइयों में निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि हेल्पलाइन नंबर 181, 112 और 14435 पर दर्ज शिकायतों का 24 घंटे में निस्तारण करें और उपभोक्ताओं को अफवाहों से दूर रखें।
जिले में पर्याप्त स्टॉक, खपत में आई कमी
खाद्य विभाग के अनुसार भीलवाड़ा जिले में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। 1 मार्च से पहले जहां प्रतिदिन करीब 15 हजार घरेलू गैस सिलेंडर की खपत थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 11 हजार रह गई है। यह कमी ओटीपी आधारित वितरण और ई-केवाईसी के कारण आई है।
24 मार्च को जिले में 27 हजार से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर का स्टॉक था, जिसमें से 11 हजार वितरण के बाद भी 17 हजार सिलेंडर शेष हैं। वाणिज्यिक गैस सिलेंडर का आवंटन बढ़ने से संस्थानों को राहत मिली है।
कालाबाजारी पर सख्ती
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक 26 प्रकरण दर्ज कर 127 सिलेंडर, रिफिलिंग मशीन और वाहन जब्त किए जा चुके हैं।
गैस एजेंसियों का निरीक्षण
जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों ने गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। इस दौरान भंडारण, वितरण और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेकर एजेंसी संचालकों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
