नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा से एक बड़ी और बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है,
जहां एक श्रद्धांजलि सभा को लेकर प्रशासन और बहुजन समाज के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है।
सवाल उठ रहे हैं—क्या लोकतंत्र में अब श्रद्धांजलि देने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ेगी?
26 मार्च 2026 को स्वर्गीय रोहित बदरेले की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जानी थी।
रोहित बदरेले की मौत पहले ही संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी, जिससे समाज में आक्रोश था।
लेकिन जब इस श्रद्धांजलि सभा के लिए भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय गाडरवारा अनुमति लेने पहुंचे—तो उन्हें अनुमति देने से साफ मना कर दिया गया।
यहीं से विवाद भड़क उठा।
अनुमति न मिलने से नाराज़ कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद जो हुआ, उसने कई सवाल खड़े कर दिए—
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओ को गिरफ्तार कर लिया।
कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई सत्ताधारी पार्टी के दबाव में की गई है
और यह बहुजन समाज की आवाज को कुचलने की कोशिश है।
सबसे बड़ा सवाल—
👉 क्या अब न्याय की मांग करना भी अपराध हो गया है?
👉 क्या प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है?
👉 और क्या लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाया जा रहा है?
“गाडरवारा में माहौल इस वक्त बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। भारी पुलिस बल तैनात है और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट पर है। लेकिन स्थानीय लोगों में नाराज़गी साफ देखी जा सकती है।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
क्या यह कार्रवाई जायज़ थी या फिर वाकई दबाव में लिया गया फैसला—ये अब जांच का विषय बनता जा रहा है।
न्यूज़ नेशन 81 जिला नरसिंहपुर
