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सौभाग्यशाली होते है वह जिन्हें होती श्रीमद् भागवत रूपी सत्संग की प्राप्ति- डॉ.पाराशर :-NN81



 सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के तहत श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का वाचन प्रारंभ 

-गंगा आरती में उमड़े श्रद्धालु

भीलवाड़ा। सद्गुरू के बिना भगवान की प्राप्ति नहीं हो सकती ओर भगवंत कृपा से ही सद्गुरू मिलता है। जिन सौभाग्यशालियों पर भगवान की कृपा होती है उन्हें ही श्रीमद् भागवत रूपी सत्संग श्रवण का सुअवसर मिलता है। पवित्र भावों के साथ जो भागवत की गंगा में डूबकी लगा ले उसका जीवन सफल हो जाता है। श्रीमद भागवत को जन्म मरण के बंधन को समाप्त कर इस लोक के साथ परलोक को भी सुधारने वाली है। ये विचार हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के मार्गदर्शन में आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के तहत श्रीमद भागवत महापुराण कथा वाचन के पहले दिन गुरूवार को व्यास पीठ से श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने व्यक्त किए। पहले दिन व्यास पीठ पर श्रीमद् भागवत की स्थापना के साथ श्रीमद् भागवत महात्म्य मंगलाचरण कथा प्रारंभ हुई। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत आध्यात्मिक दीपक ओर ऐसा कल्पवृक्ष है जिससे सब कुछ मांग सकते है। ठाकुर जी को मांग लो तो बाकी सब कुछ वैसे ही मिल जाएगा। तुच्छ वस्तुओं की कामना नहीं करे। भगवान से वह अविनाशी तत्व मांगों जिन्हें मांगने के बाद कुछ अन्य मांगने की जरूरत ही नहीं रहे। हम दुनिया के पीछे भागने की जरूरत नहीं है भक्ति जिसके ह्दय में विराजमान होती है उसके पीछे भगवान भागते है। डॉ. पाराशर ने श्रीमद् भागवत का महत्व समझाते हुए कहा कि यह भक्ति,ज्ञान ओर वैराग्य का त्रिवेणी संगम ओर वेदा का भाष्य है। जो भी इसका श्रवण पवित्र भावों से कर लेता उसके जीवन का उद्धार हो जाता है। भागवत मनोरंजन का नहीं मन भंजन का विषय है जिसे श्रवण करने से हरि हमारे अंदर प्रवेश कर जाते है। सच्चिदानंद रूपी भगवान से रिश्ता जोड़ने के लिए उसके स्वरूप को पहचानना होगा। कथा के दौरान विभिन्न भजनों के माध्यम से भी भगवान की भक्ति की गई।

 

 संतों एवं श्रद्धालुओं ने की व्यास पीठ की आरती 


व्यास पीठ पर श्रीमद् भागवत ग्रंथ स्थापित करने के अवसर पर विधिपूर्वक आरती की गई। कथा के पहले दिवस के विश्राम पर व्यास पीठ की आरती करने वालों में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के साथ पंचमुखी दरबार के महन्त लक्ष्मणदास त्यागी, हनुमान टेकरी के महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा, हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदास महाराज, निम्बार्क आश्रम के महन्त मोहनशरण शास्त्री, पुजारी मुरारी पांडे, हरि शेवा धाम के संत मायाराम, संत, राजाराम, दीक्षार्थी इन्द्रदेव, कुनाल, सिद्धार्थ के साथ सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल व सनातन सेवा समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल थे। मंच संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया। कथा श्रवण करने के लिए भीलवाड़ा एवं आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ो श्रद्धालु पहुंचे थे। श्रीमद् भागवत महापुराण कथा 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक होगी। कथा में दूसरे दिन शुक्रवार को भीष्म स्तुति व परीक्षित जन्म प्रसंग का वाचन होगा।


शाम को गंगा आरती में उमड़े श्रद्धालु 


महोत्सव के पहले दिन शाम 6 बजे से काशी की तर्ज पर काशी के ब्राह्मणो द्वारा गंगा आरती का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से गंगा मां की स्तुति के साथ सर्व मंगल ओर लोक कल्याण की कामना की गई। आरती में शामिल होने के लिए महामंडलेश्वर स्वामी हंसरामजी उदासीन महाराज के सानिध्य में श्रद्धालु उमड़े। महोत्सव में प्रतिदिन शाम 6 बजे से गंगा आरती का आयोजन होंगा।

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