सफलता की कहानी
अंदरूनी इलाकों में पुल एवं सड़क निर्माण से माओवाद उन्मूलन कार्य हुआ आसान
लगभग 100 गांव की 80 हजार आबादी का बारहमासी संपर्क तहसील व जिला मुख्यालय से
उत्तर बस्तर कांकेर, 13 फरवरी 2026/ जिले में अब विकास और समृद्धि के द्वार खुलने लगे हैं। शासन की मंशानुसार अंदरूनी इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिली है। इससे एक ओर सड़क संपर्क आसान हुआ है, वहीं माओवाद को हतोत्साहित करते हुए उसके उन्मूलन की दिशा में सार्थक प्रयास हो रहे हैं। विगत दो वर्षों में सेतु निर्माण संभाग के अंतर्गत आकांक्षी जिला कांकेर में सेतुओं की तेजी से पूर्ण होते निर्माण ने जिले के सुदूरांचल क्षेत्रो में निवासरत आम जनजीवन के विकास और समृद्धि की दिशा में सेतु का कार्य किया है।
कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 15 कार्य लागत रु. 61.50 करोड़ के पूर्ण हुए हैं। इन पुलों के निर्माण हो जाने से जिले में माओवाद उन्मूलन कार्यों में तेजी आई तथा प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आतुरबेड़ा-भैसगांव-निन्ना मार्ग में मेंढ़की नदी पर महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय पुल निर्माण कार्य को पूर्ण किया गया है। इन पुलों के निर्माण से जिले के लगभग 100 गांव की 80 हजार आबादी का बारहमासी परस्पर संपर्क ब्लॉक, तहसील एवं जिला मुख्यालय से हो गया है। इसके निर्माण से क्षेत्रवासियों को उच्च शिक्षा, व्यापार, पर्यटन गतिविधियां, सामाजिक सांस्कृतिक संपर्क, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं शासन की योजनाओं का जन-जन तक पहुंच आसान हो गया है।
इसी प्रकार कांकेर जिले के निवासियों, ग्रामों एवं ग्रामवासियों का कोने-कोने से राज्य मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्ग, ब्लाक, तहसील एवं जिला मुख्यालय से बारहमासी संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा पिछले दो सालों में 09 नए वृहद् पुल लागत 85 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्यपालन अभियंता सेतु निर्माण श्री राजेंद्र सोनकर ने बताया कि इन स्वीकृत कार्यों में बासनवाही-टांहकापार मार्ग पर महानदी पर पुल लागत 28 करोड़ रूपए शामिल है जो कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की सुविधा और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसी तरह सोनपुर-मरोड़ा मार्ग के कि.मी. 78/10 (बेचाघाट) पर 15 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से कोटरी नदी पर पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस पुल के पूर्ण हो जाने से माओवाद प्रभावित माड़ क्षेत्र का सीधा संपर्क हो जाएगा। उक्त पुल माओवाद उन्मूलन एवं क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इनके बन जाने से जिले के सुदूरवर्ती ग्रामों में निवासरत ग्रामीणों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
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संवाददाता- विक्रम सिंह भण्डारी। News Nation 81
