बुजुर्ग व दिव्यांग वैष्णवों को मिला सुगम दर्शन का मार्ग, जन्मोत्सव बना सेवा-संवेदना का उत्सव
नाथद्वारा।
श्रीनाथजी मंदिर में तिलकायत पूज्य गोस्वामी राकेश महाराज के 77वें शुभ जन्मोत्सव पर श्रद्धालु सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। तिलकायत श्री की आज्ञा तथा युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से मंदिर में बुजुर्ग और दिव्यांग वैष्णव दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु नए व्हीलचेयर कॉरिडोर का शुभारंभ किया गया।
सोमवार को जन्मोत्सव के अवसर पर तिलकायत श्री एवं विशाल बावा द्वारा मुंबई से वर्चुअल माध्यम से इस सेवा का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर विशाल बावा ने समस्त पुष्टि सृष्टि को जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि “नाथद्वारा विजन-2030” के अंतर्गत वैष्णवों, सेवावालों और नगरवासियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन व्यवस्था के लिए लिए गए संकल्पों में से यह कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण सेवा है। उन्होंने कहा कि अब बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु सहजता व सम्मान के साथ प्रभु के दर्शन कर सकेंगे, जो सेवा भावना के नए आयाम स्थापित करेगा।
उत्थापन दर्शन से इस कॉरिडोर का विधिवत संचालन प्रारंभ किया गया तथा पहले ही दिन 10 दर्शनार्थियों को इस सुविधा से दर्शन करवाए गए। जन्मोत्सव का अवसर सेवा, श्रद्धा और सामाजिक संवेदना का संदेश देता नजर आया।
मंदिर प्रशासन के अनुसार यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क रहेगी, लेकिन दर्शनार्थियों को पूर्व पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। व्यवस्था के तहत बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को प्रीतमपोल से विशेष कतार द्वारा कमल चौक तक लाया जाएगा, जहां से मंदिर की ओर से व्हीलचेयर उपलब्ध कराकर कॉरिडोर के माध्यम से श्रीजी के दर्शन करवाए जाएंगे और सुरक्षित बाहर तक छोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, जमादार विट्ठल सनाढ्य, कैलाश पुरोहित, गिरीश विद्रोही, अर्जुन गुर्जर सहित अनेक अधिकारी, समिति सदस्य व सेवादार उपस्थित रहे।
वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधानपीठ में प्रारंभ हुई यह व्यवस्था जन्मोत्सव को केवल उत्सव नहीं बल्कि सेवा-समर्पण का प्रतीक बनाती है। यह पहल दर्शाती है कि श्रद्धालु सुविधा ही सच्ची सेवा है और प्रभु के द्वार सभी के लिए समान रूप से खुले हैं।
