न्यूज़ रिपोर्टर देवकरण माली
कलश यात्रा, शोभायात्रा, अखाड़ा प्रदर्शन, धर्मसभा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दिखी हिंदू एकता
भीलवाड़ा जिले के गुरला खंड में रविवार को सनातन परंपरा, सांस्कृतिक स्वाभिमान और राष्ट्रबोध के जयघोष के साथ कस्बा गुरलां भगवा चेतना से सराबोर नजर आया। सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन में समाज की एकजुट शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
सम्मेलन का शुभारंभ रामदेव मंदिर से निकली महिलाओं की कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। यह शोभायात्रा बाजार, जैन मंदिर, बड़े मंदिर, सदा बहार महादेव मंदिर, बस स्टैंड और पंचायत भवन सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई मालियों के नोहरे तक पहुंची।
डीजे की गूंजती धुनों के बीच हाथों में भगवा ध्वज लिए युवाओं की टोली और कलश धारण कर आगे बढ़ती मातृशक्ति ने शोभायात्रा को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। वहीं अखाड़ा प्रदर्शन ने लोगों को अपनी कला से अभिभूत कर दिया।
शोभायात्रा में संघ के युवा भी अनुशासित व्यवस्था के साथ सक्रिय रूप से शामिल रहे। पूरे कस्बे में “जय श्री राम” और “हिंदू एकता” के गगनभेदी जयघोष गूंजते रहे। प्रमुख मार्गों पर पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा में शामिल मातृशक्ति, युवाशक्ति और सकल हिंदू समाज का स्वागत किया गया।
गुरला मंडल क्षेत्र के मोमी, लावड़ा का बाड़ा, रगसपुरिया, सोपुरा, कानपुरा, गोवलिया, दांता का खेड़ा सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं शोभायात्रा के रूप में सम्मेलन स्थल तक पहुंचीं।
विशेष बात यह रही कि गुरलां के व्यापारियों और ग्रामीणों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस हिंदू सम्मेलन में भाग लिया।
धर्मसभा में संतों का सान्निध्य, वक्ताओं ने दिया एकता का संदेश
सम्मेलन स्थल पर आयोजित धर्मसभा में गुरला के टेकरी के बालाजी मंदिर के संत पूनित दास जी महाराज, तथा कोटड़ी के लाल जी महाराज सहित अन्य संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ।
मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री विजय कुमार ओझा ने कहा कि भारत विश्व का एकमात्र राष्ट्र है जहां नारी को पूज्य माना गया है। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे अपने बच्चों में श्रेष्ठ संस्कारों का निर्माण करें।
वक्ताओं ने जाति-पांति से ऊपर उठकर एकजुट रहने, हिंदू समाज को संगठित रखने और भारत के वीर सपूतों के बलिदान को स्मरण में रखने का आह्वान किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता और सम्मान समारोह
सम्मेलन की अध्यक्षता गोवर्धन प्रसाद दाधीच ने की। वहीं मातृशक्ति की अध्यक्षता प्रिया दाधीच ने करते हुए कहा कि माताएं और बहनें बच्चों को सनातन संस्कृति के संस्कार अपनाएं और हिंदू धर्म के मूल विचारों से जोड़ें।
धर्मसभा में गुरलां से अयोध्या गए कारसेवकों को सम्मानित किया गया।
बच्चों ने पेश किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
हिंदू सम्मेलन में हिंदू एकता प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
कार्यक्रम का संचालन मोहन प्रजापत ने किया। इस अवसर पर गुरला एवं आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
