अमरोहा। हसनपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पीपती दाउद निवासी सुधर्शन कुमार पुत्र श्री हरीश कुमार ने एक निजी विश्वविद्यालय पर फर्जी डिग्री और कूट रचित दस्तावेज़ जारी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित छात्र ने मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
सुधर्शन कुमार ने बताया कि वह गोवर्धन विश्वविद्यालय, रजपुर गजरौला (उत्तर प्रदेश) से बी.एस.सी. ऑप्टोमेट्री का छात्र रहा है। यह तीन वर्षीय पाठ्यक्रम वर्ष 2021 से 2024 तक संचालित हुआ, जिसे उसने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। विश्वविद्यालय द्वारा उसे 6 सितंबर 2024 को उपाधि भी प्रदान की गई।
इसके बाद छात्र अपनी डिग्री एवं अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्रों के साथ उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी में पंजीकरण कराने पहुंचा, जहां अधिकारियों ने यह कहते हुए आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि संबंधित विश्वविद्यालय का इस पाठ्यक्रम के लिए कोई पंजीकरण या मान्यता मौजूद नहीं है। साथ ही प्रमाण पत्रों को भी संदिग्ध बताते हुए लौटा दिया गया।
छात्र का आरोप है कि जब वह इस संबंध में विश्वविद्यालय पहुंचकर रजिस्ट्रार एवं अन्य अधिकारियों से मिला और पूरी बात बताई, तो उसके साथ दुर्व्यवहार और धमकी दी गई। आरोप है कि अधिकारियों ने कहा कि “यहां से भाग जाओ, हमारा प्रभाव बहुत ऊपर तक है, नहीं तो झूठे मुकदमों में फंसा देंगे।
छात्र को यह भी कहा गया कि वह कहीं निजी नौकरी कर ले, यही उसके लिए बेहतर होगा।
सुधर्शन कुमार का कहना है कि बाद में कुछ लोगों ने साठगांठ कर 10,300 लेकर कूट रचित दस्तावेज़ तैयार कर उसे दे दिए, जिसके कारण उसके और उसके माता-पिता को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पीड़ित छात्र ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी अमरोहा को भी दी थी, जहां से बताया गया कि संबंधित कोर्स की मान्यता से जुड़े कोई स्पष्ट अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद आईटीआई हसनपुर से जानकारी प्राप्त करने की बात कही गई।
सुधर्शन कुमार ने कहा कि इस मामले में केवल वह ही नहीं, बल्कि कई अन्य छात्र भी अपने भविष्य को लेकर मानसिक रूप से परेशान हैं। अंत में उसने न्यायालय से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए जाएं, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।
