देवास जिलों में सप्ताहभर चलने वाले इन हाटों ने पूरे क्षेत्र में उत्सवी माहौल बना दिया है।
हालांकि शुरुआती दिन उत्सव अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन बाजारों में रौनक धीरे-धीरे बढ़ रही है।
भगोरिया हाट आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख पर्व है। युवक-युवतियां और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा, चांदी के आभूषण और रंग-बिरंगे गहनों से सजे नजर आ रहे हैं।
ढोल और मांदल की थाप पर पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों की गूंज से हाटों में खास उत्साह दिखाई दे रहा है। यह आयोजन केवल बाजार नहीं, बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का अनोखा संगम है।
व्यापारियों ने बताया कि इस बार खूब जलेबी भजिया एवं रंग गुलाल की बिक्री हुई।
न्यूज नेशन 81 संवाददाता मोतिलाल गोयल
