करतला/कोरबा (छत्तीसगढ़) से News Nation 81 संवाददाता-छविलाल राठिया की रिपोर्ट - संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में ईंधन, राशन एवं पानी और अहाता बाउंड्रीवाल एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। जिसके समाधान के लिए आज तक शासन -प्रशासन एवं विभाग के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में समस्याएं और बढ़ रही है।ईंधन (गैस सिलेंडर) की समस्या : शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में पारंपरिक लकड़ी चूल्हे की जगह गैस सिलेंडर की उपयोग बढ़ने और सही समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने से खाना बनाने में परेशानी हो रही है, मजबूरन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को केह पैसे से गैस सिलेंडर भरवाना पड़ता है, एक तरफ सरकार (RO) योजना के तहत शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराने की दावा करती है, जबकि जमिनी स्तर पर हकीकत कुछ और बायां करती नजर आ रही है। हैंड पम्प खराब होने से कई आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है,और कई केंद्रों में राशन की समस्या है ,एक साल में एक या दो बार ही राशन मिलता है जिससे कई केंद्र उधारी के राशन से संचालित हो रहे हैं। एक तरफ छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पोषण त्योहार मनाने की दिखवा करती है दूसरी तरफ बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है। जबकि कोरबा जिले में DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल्स फाउंडेशन) के माध्यम से 52 करोड़ से अधिक की लागत से 481 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण और सुधार कार्य के लिए निर्माण की मंजूरी दी गई है, किन्तु आज तक भवन,अहाता निर्माण एवं पानी की मूलभूत समस्या को दुरुस्त नहीं कर पाए। ये शासन की उदासीनता लापरवाही को दर्शाती है।
31 जनवरी 2026 शनिवार, ..........................आपको बता दें कि कोरबा जिले के करतला- ब्लॉक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत: NN81
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