रोशनी आनंद वि. सिंह-
पवई। पवई रेंज अंतर्गत पन्नी नाला क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय अनुभूति नेचर कैंप का बुधवार को विधिवत समापन किया गया। इस कैंप में संदीपनी विद्यालय पवई, कन्या शाला पवई एवं मॉडल स्कूल पवई के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समापन दिवस पर बच्चों को जंगल भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें वन्यजीवों की जानकारी, नर-मादा जीवों में अंतर, औषधीय पौधों की पहचान, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा सामूहिक भोज के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का व्यवहारिक ज्ञान दिया गया। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कैंप को ज्ञानवर्धक व प्रेरणादायी बताया।
मंगलवार को विद्यार्थियों को पन्नी नाला स्थित हनुमान धारा से निकलने वाले नेचर ट्रेल का भ्रमण कराया गया, जहां दूरबीन से विभिन्न पक्षियों का अवलोकन कराया गया। साथ ही विभिन्न वृक्ष प्रजातियों की पहचान कराई गई एवं पेड़ों पर लगी पहचान तख्तियों के माध्यम से उनकी उपयोगिता समझाई गई। वन विभाग द्वारा जल संरक्षण, पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यों की जानकारी मॉडल के माध्यम से सरल भाषा में दी गई।
कार्यक्रम को नो प्लास्टिक एवं इको-फ्रेंडली अवधारणा पर आधारित रखा गया। मुख्य वन संरक्षक नरेश यादव ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। दक्षिण पन्ना वनमण्डल अधिकारी प्रशिक्षु आईएफएस अक्षत जैन, उप पुलिस अधीक्षक प्रियांशु पांडे, रेंजर नितेश पटेल एवं दुर्गेश पांडेय सहित अन्य अधिकारियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर अजय चौरसिया, महेंद्र पटेल, सचिन राठौरिया, एडीपीओ आस्था पाठक, आईआरएस अरविंद नामदेव, चिकित्सकीय स्टाफ एवं पवई परिक्षेत्र का समस्त वन अमला उपस्थित रहा। अनुभूति नेचर कैंप ने बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता को सशक्त रूप से विकसित किया
