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नर्मदापुरम में ऐतिहासिक संयोग: मां नर्मदा जयंती और शहर का गौरव दिवस एक साथ मनाया गया: NN81

 



सेठानी घाट पर जल मंच से पूजन, एक लाख दीपों से जगमगाई नर्मदा, मुख्यमंत्री ने वर्चुअल भूमिपूजन कर दीं विकास की सौगातें


नर्मदापुरम में एक साथ मना मां नर्मदा जयंती और शहर का गौरव दिवस


सेठानी घाट पर ऐतिहासिक जल मंच, एक लाख दीपकों से जगमगाई नर्मदा, नर्मदा लोक कॉरिडोर का भूमिपूजन


ओम प्रकाश साहू संवाददाता  नर्मदापुरम।


पवित्र मां नर्मदा की जयंती और नर्मदापुरम शहर का गौरव दिवस रविवार को एक साथ श्रद्धा, आस्था और भव्यता के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य आयोजन सेठानी घाट पर जल मंच पर संपन्न हुआ, जहां धर्म, संस्कृति, विकास और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप सिंह अपनी पत्नी राव मंजू सिंह के साथ जल मंच पर पहुंचे और मां नर्मदा का विधिवत पूजन-अभिषेक किया। उनके साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक डॉ. सीताशरन शर्मा, लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह राजपूत, विधायक प्रेम शंकर वर्मा, विधायक ठाकुरदास नागवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव एवं भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला ने भी मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल रूप से जुड़े


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने नर्मदापुरम के बहुप्रतीक्षित नर्मदा लोक कॉरिडोर का भूमिपूजन किया। साथ ही भोपाल चौराहे पर किए गए सौंदर्याकरण कार्यों और नर्मदा प्रतिमा का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने नर्मदा को मध्यप्रदेश की जीवनरेखा बताते हुए जनभागीदारी से संरक्षण का आह्वान किया।


एक लाख से ज्यादा दीपकों से जगमगाई मां नर्मदा


रविवार शाम पोस्ट ऑफिस घाट से करीब एक लाख से अधिक दीपकों को नर्मदा की अविरल धारा में प्रवाहित किया गया। दीपदान के दौरान सेठानी घाट और नदी का दृश्य अलौकिक नजर आया। दीपकों की रोशनी से पूरी नर्मदा धारा जगमगा उठी। आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।


भोपाल चौराहे पर 7 फीट ऊंची नर्मदा प्रतिमा की स्थापना


शहरवासियों को गौरव दिवस पर भोपाल चौराहे के सौंदर्याकरण की बड़ी सौगात मिली। यहां रेड स्टोन की 7 फीट ऊंची छतरी पर हार्ड फाइबर से निर्मित मां नर्मदा की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा के समीप 9 फीट ऊंचा और 5 फीट चौड़ा स्टेनलेस स्टील का त्रिशूल लगाया गया है, जिसमें डमरू भी जुड़ा हुआ है।

करीब 25 फीट ऊंचाई पर स्थापित इस त्रिशूल का वजन लगभग 2 क्विंटल है और इसकी लागत करीब सवा लाख रुपए बताई गई है। चौराहे को राजस्थानी धौलपुरी पत्थर से सजाया गया है। साथ ही शहर का नाम उकेरी हुई आकर्षक स्वागत दीवार भी बनाई गई है।


मां नर्मदा को पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा


स्कूली पाठ्यक्रम में मां नर्मदा को शामिल किए जाने के सवाल पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने कहा कि मां नर्मदा मध्यप्रदेश की प्राण रेखा हैं। वे हमारी प्राणवायु के समान हैं। बच्चों को नर्मदा के महत्व, पर्यावरण और संस्कृति के बारे में जितना अधिक पता होगा, वह उनके भविष्य और जीवन के लिए उतना ही उपयोगी होगा।

उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को पहले ही पाठ्यक्रम में शामिल किया जा चुका है और धर्म, पर्यावरण, परिवहन सहित जीवनोपयोगी विषयों को भी शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।


पर्यावरण संरक्षण का संदेश, आटे-पत्तों से बने दीपक


पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस बार नर्मदा में प्लास्टिक या डिस्पोजल दीपक नहीं छोड़े गए। इसके स्थान पर आटे और पत्तों से बने दीपकों का उपयोग किया गया, जो मछलियों के लिए चारे का भी काम करेंगे।

पिछले 8 दिनों से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, जेल के कैदी, सामाजिक संगठन और दिव्यांग बच्चे इन दीपकों को तैयार करने में जुटे हुए थे।


जल मंच पर बैठने को लेकर बना मानवीय दृश्य


जल मंच पर पूजन के दौरान सभी अतिथि पटिया लगे आसान पर बैठे। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला के लिए आसान आरक्षित नहीं होने पर वे पीछे चली गईं। इस पर विधायक प्रतिनिधि महेंद्र यादव और सीएमओ हेमेश्वरी पटले से चर्चा हुई। इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव स्वयं उठीं, अपना आसान हटाया और जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला को अपने साथ बैठाया। दोनों ने एक ही थाली से पूजन कर आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता का संदेश दिया।


शोभायात्रा, महाअभिषेक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां


सुबह 11 बजे मां नर्मदा प्रकटोत्सव का आयोजन नित्य आरती समिति एवं प्राचीन श्री नर्मदा मंदिर द्वारा किया गया। दोपहर 3:30 बजे मां नर्मदा मंदिर से मोरछली चौक होते हुए सेठानी घाट तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

शाम 5:30 बजे जल मंच पर धर्माचार्य पंडित सोमेश परसाई ने महाअभिषेक कराया। इसके बाद आतिशबाजी और दीपदान हुआ।

शाम 7:30 बजे भोपाल के फूल सिंह माडरे द्वारा बुंदेली लोक गायन और रात 8:30 बजे मुंबई की माधवी मधुकर झा ने भक्ति गायन की प्रस्तुति दी।


सतरंगी रोशनी से सजा सेठानी घाट


उत्सव को लेकर सेठानी घाट सहित सभी घाटों की साफ-सफाई और रंग-रोगन किया गया। घाटों पर सतरंगी रोशनी से इंद्रधनुषी छटा बिखरी रही। शहर के प्रमुख चौराहों पर भी विद्युत सजावट की गई।

शनिवार को मंगलाचरण के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई थी। रविवार को नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, भोपाल सहित आसपास के जिलों से आए श्रद्धालुओं का स्नान-पूजन का सिलसिला दिनभर चलता रहा।

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