बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देना चाहिए मौलाना जैगमुल रिजवी
अंबेडकरनगर
रिपोर्ट दीपक वर्मा
मोहम्मद रजा हैदर
अकबरपुर क्षेत्र के थाना सम्मनपुर क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में गुरुवार को सैयद बाकर हैदर ज़ैदी (ज़फर) मरहूम के इसाले सवाब की मजलिस अकीदत और सम्मान के साथ आयोजित की गई। मजलिस की शुरुआत तिलावत-ए-कलाम पाक से हुई। इस मौके पर मौलाना सैयद ज़ैगमुल रिज़वी ने बच्चों की शिक्षा और उनके नैतिक विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्य देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बेहतर शिक्षा ही बच्चों को आत्मनिर्भर बनाती है और एक मजबूत, जागरूक व सभ्य समाज की नींव रखती है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम ने हमेशा ज्ञान अर्जन को सर्वोच्च स्थान दिया है और शिक्षा को हर इंसान के लिए जरूरी बताया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और उन्हें अच्छी तालीम के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी बोध कराएं। उन्होंने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब और उनके नवासों हजरत इमाम हसन व हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शिक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि अहले-बैत का जीवन ज्ञान, त्याग और इंसानियत की मिसाल है, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। मजलिस के दौरान शिक्षा के महत्व और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर विस्तार से चर्चा हुई। मजलिस से पूर्व जव्वार हुसैन मय हमनवां मुस्तफाबादी ने मर्सिया ख्वानी की। अंत में कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद किया गया, जिससे माहौल भावुक हो गया इस दौरान मौलाना जफर मारुफी मौलाना नूरुल हसन रिजवी अम्मार हैदर बेलाल हैदर आदि लोग अंबेडकर नगर जनपद के भारी संख्या में कई गांव के मौजूद थे अंत में मजलिस के कार्यक्रम के आयोजक नकी हैदर जैदी ने सभी को धन्यवाद दिया
