लोकेशन - कांकेर ( छत्तीसगढ़)
हेमन्त उसेण्डी
कांकेर जिले के दूरस्थ एवं अंतिम छोर पर बसे ग्राम भैंसगांव में आज जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 205 आवेदन प्राप्त हुए, इनमें से 170 आवेदन विभिन्न प्रकार के मांग और 35 आवेदन शिकायतों से संबंधित थे, शिविर स्थल पर 70 आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया गया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओ के निराकरण के लिए जिले के कलेक्टर श्री निलेश कुमार महावेद क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, इसी कड़ी में आज जिले के दूरस्थ अंचल में स्थित अंतागढ़ विकासखण्ड के नारायणपुर जिले के नजदीक रावघाट पुलिस थाना के अंतर्गत ग्राम भैंसगांव में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मण्डावी, जनपद अध्यक्ष अंतागढ़ श्रीमती मनोरमा मण्डावी, उपाध्यक्ष श्री गुबलसिंह भुसाखरे एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियो की उपस्थिति में शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आम जनता की समस्या व शिकायतों से संबंधित आवेदन लिए गए। शिविर में शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई और इससे लाभ उठाने के लिए आग्रह किया गया। जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री मण्डावी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में जनसस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में प्राथमिकता के आधार पर जिले में दूरस्थ अंचलों में शिविर लगाए जा रहें है ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय तक आना न पड़े। आप शासन की योजनाओं से संबंधित अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं को प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनका नियमानुसार निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शासन द्वारा संचालित योजनाओं से लाभ उठाने का अनुरोध भी ग्रामीणों से किया। जनपद अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा मण्डावी सहित जनपद सदस्य एवं ग्राम पंचायत के सरपंच ने भी क्षेत्र की समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराते हुए उनके निराकरण के लिए आग्रह किया, जिनके नियमानुसार निराकरण का भरोसा जिला पंचायत सीईओ द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का निराकरण मौके पर हो सकता है, उन्हें तत्काल निराकृत किए जाएंगे एवं जिनमें प्रक्रियागत कारणों से समय लग सकता है, उनके लिए समय सीमा निर्धारित की जाएगी। शिविर स्थल में विभिन्न विभागों के द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जिसमें विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई एवं प्राप्त आवेदनों का विधिवत निराकरण की कार्यवाही की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर 87 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाकर चिकित्सा परामर्श दिए गए साथ ही निःशुल्क दवाइयां भी दी गई।
