राजस्थान राजसमंद जिले में पंचायतीराज विभाग में निर्वाचित जिला परिषद बोर्ड का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद रिक्त हुए जिला प्रमुख के पद का राज्य सरकार के आदेश पर गुरुवार शाम को जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने
प्रशासक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। चार्ज लेने के बाद हसीजा ने कहा कि पंचायतीराज के कामकाज नियमित एवं सुचारू चलता रहेगा और आमजन को कोई परेशानी नहीं आए, यही उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी।
जिला प्रमुख रतनीदेवी चौधरी का कार्यकाल पूरा होने पर गुरुवार शाम ठीक पांच बजे कलक्टर अरुण कुमार हसीजा जिला परिषद पहुंचे। यहां जिला परिषद सीईओ ब्रजमोहन बैरवा व एसीईओ सुमन अजमेरा ने उनकी अगवानी की। फिर वे सीधे जिला प्रमुख कक्ष में पहुंचे, जहां प्रशासक के रूप में पदभार ग्रहण किया। बाद में पंचायतीराज विभाग की योजनाओं की जानकारी लेते हुए सुचारू क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को खास निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग की योजनाओं को सुचारू क्रियान्वयन ही उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी, ताकि आमजन में कोई दिक्कत ना हो। साथ ही विकास के जो कार्य है, वे भी इसी तरह सुचारू चलते रहेंगे। वैसे जिला कलक्टर के रूप में भी पंचायतीराज विभाग की कई योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर समन्वयक के रूप में जिम्मेदारी रहती है और अब प्रशासक का चार्ज मिलने से कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है, वे बखूबी पूर्ण निष्ठा से निभाएंगे, जिससे आमजन को किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
कार्य प्रणाली की ली जानकारी, परिसर का किया अवलोकन-
प्रशासक का चार्ज लेने के बाद जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने पंचायतीराज विभाग के सिस्टम को समझा। साथ ही कक्षों का अवलोकन करते हुए कार्मिक एवं अधिकारियों के बारे में जानकारी ली। कलक्टर ने कहा कि गांव ढाणी के विकास के कार्य हो या अन्य कल्याणकारी योजनाअ क्रियान्वयन हो। सभी सुचारू चलते रहने चाहिए।
