संवाददाता संजू नामदेव
ख़बर हरदा जिले से है। छीपाबड़ चौराहे पर स्थित रुद्रा फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल की कीमतों और मात्रा को लेकर उपभोक्ता के संदेह के चलते बुधवार 17 दिसंबर को दोपहर लगभग 4 बजे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब पेट्रोल पंप परिसर में एक मोटरसाइकिल में आग लग गई, हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया नहीं तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार मर्दानपुर निवासी सुनील मीणा ने आरोप लगाया कि उसने 16 दिसंबर की रात अपनी सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल में 1580 रुपये में टंकी फुल करवाई थी। अगले दिन उसे संदेह हुआ कि उससे अधिक राशि ली गई है। इसी संदेह के समाधान के लिए वह दोबारा पेट्रोल पंप पहुंचा।
दो बार फुल टैंक, राशि में अंतर
ग्राहक के अनुसार पेट्रोल पंप पर उसकी मोटरसाइकिल की टंकी पहले पूरी तरह खाली कराई गई, फिर दोबारा टंकी फूल करायी तो टंकी 1180 रुपये में फुल हो गई। ग्राहक का कहना है कि टंकी की क्षमता 9.30 लीटर है, ऐसे में रात और दिन की राशि में अंतर ने उपभोक्ता के मन में शंका पैदा कर दी। इसी बात को लेकर ग्राहक ने कर्मचारी से बोला कि मेरे पेसे वापस दे दो तो कर्मचारी गाली गलौज और मारने पर उतारू हो गया। इतने मे पेट्रोल पंप संचालक भी गया दोनों के बीच बहस हुई और मामला मारपीट पर जा पहुचा पेट्रोल पंप संचालक और ग्राहक के बीच मारपीट शुरू हो गई ।
आग लगने से बढ़ी गंभीरता
विवाद के दौरान ही मोटरसाइकिल में आग लग गई। आग लगने का कारण और जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं हो पाई है।पेट्रोल पंप कर्मचारियों द्वारा आग को बुझाया गया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाल लिया गया।
पेट्रोल पंप प्रबंधन का पक्ष
रुद्रा फिलिंग स्टेशन के मैनेजर के.पी. मिश्रा ने बताया कि दोपहर में वाहन में 1180 रुपये का पेट्रोल डाला गया, जिसकी मशीन रीडिंग उपलब्ध है। उनके अनुसार ग्राहक नशे की हालत में था और रात में कितनी मात्रा में पेट्रोल डलवाया गया, इसकी जानकारी पंप के पास नहीं है। प्रबंधन का कहना है कि मारपीट और आगजनी की घटना को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
