संपूर्ण विश्व को सदमार्ग पर ले जाने का संदेश देने वाले प्रेमानंद महाराज जी के समर्थक बढ़ते ही जा रहे हैं । आज श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता व श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री मोदी जी को पत्र लिख कर विरक्त संत प्रेमानंद महाराज जी को भारत रत्न देने की मांग की । फलाहारी महाराज ने पत्र के माध्यम से कहा है
कि संपूर्ण विश्व के सनातनियों को सद मार्ग पर ले जाने वाले ऐसे महान संत इस भारत की भूमि पर वर्षों वर्ष बाद जन्म लेते हैं , जो जनमानस को अपने सद् विचारों से लोगों का कल्याण करते हैं तथा इस भारत भूमि को पुनः गौरव दिलाते हैं ,
फलाहारी महाराज ने कहा कि
ऐसे संत को भारत रत्न दिया जाना चाहिए । संत प्रेमानंद जी ने अपने दिव्य प्रवचनों से मादक पदार्थों का सेवन करने वाले जैसे अंडा , मांस मदिरा ,जुआ, आदि कुसंगति का त्याग करा कर राधा नाम जप श्रवण कराते हुए करोड़ों लोगों को सद् मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है ,ऐसे सनातनी संत का सम्मान होना ही चाहिए ।
आज विश्व का प्रत्येक सनातनी प्रेमानंद महाराज को पवित्र ईश्वर का अंश मानकर उन्हें अपना आदर्श मानता है , क्योंकि उन्होंने अपने लिए कुछ नहीं किया है ,उन्होंने देश धर्म और सनातन हिंदुओं के लिए एक ऐसा मार्ग दिखाया है जिस पर चलकर लोग अपने जीवन को सार्थक बना रहे हैं । बहुत दिनों बाद किसी संत महापुरुष ने अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव किया है ,जिनकी संख्या करोड़ों में है ।
इसको देखते हुए उनको भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से उन्हें अलंकृत किया जाना चाहिए, बृज भूमि के प्रमुख संत महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज, आचार्य लक्ष्मीनारायण दास जी,कुंज बिहारी पीठाधीश्वर इंदुलेखा जी,मधुसूदन दास जी महाराज , अनमोल दास जी महाराज आदि ने प्रेमानंद महाराज जी को भारत रत्न देने वाली मांग का समर्थन किया है ।
