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नशामुक्त भारत अभियान में एमसीबी जिला बना मिसाल - NN81



एमसीबी (छ.ग.)                  

रिपोर्ट - मनीराम सोनी     

एमसीबी / नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पूरे जिले में जनजागरुकता कार्यक्रम का अभियान चलाया गया, जिसमें कलेक्टर कार्यालय, सामान्य सभा, धान खरीदी केंद्र, स्कूल, आंगनबाड़ी, जनपद पंचायत और समस्त विभागीय कार्यालय  में नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। जिसने यह साबित कर दिया कि जब समाज किसी बुराई को मिटाने का संकल्प ले लेता है, तो परिवर्तन न केवल संभव होता है बल्कि वह ऐतिहासिक बनकर दर्ज हो जाता है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत जिले में आयोजित यह व्यापक कार्यक्रम यह स्थापित कर गया कि नशा उन्मूलन केवल सरकारी प्रयास का विषय नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना का आंदोलन है जिसने प्रशासन और जनता दोनों को एक सूत्र में जोड़ दिया। सुबह की पहली घंटी के साथ ही पूरे जिले में जनजागरूकता का अभूतपूर्व वातावरण बन चुका था। रैलियों, शपथ, नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्रों और जनभागीदारी ने अभियान को ऐसी ऊंचाई दी जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा थी।


धान खरीदी केंद्रों में गूंजी आवाज - “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”

धान खरीदी केंद्रों में भी इस अभियान का प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिला। कछौड़, कमर्जी, केल्हारी, कोटाडोल, कौड़ीमार, खड़गवां, बरदर, सिंगहत, घुटरा, जनकपुर, बहरासी, डोडकी, बरबसपुर, माड़ीसरई और सिंगरौली जैसे सभी धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी प्रभारियों ने किसानों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। किसानों ने स्वीकार किया कि नशा केवल स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक जीवन दोनों को गहराई से प्रभावित करता है, इसलिए नशा मुक्ति उनके लिए अनिवार्य है।


खोंगापानी में मनाया गया जिला स्तरीय कार्यक्रम- बना जनचेतना का केंद्र

सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा एवं एमसीबी पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह के निर्देशन में नशा मुक्ति हेतु जारी जागरूकता अभियान के तहत 18 नवम्बर 2025 को पुलिस चौकी खोँगापानी द्वारा यमुना प्रसाद शास्त्री स्कूल मैदान में बच्चों के बीच क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में मनेन्द्रगढ़ एसडीओपी अलेक्सियुस टोप्पो, चौकी प्रभारी राकेश शर्मा, नगर पंचायत उपाध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी, पूर्व पार्षद परमहंस मनी, पूर्व पार्षद जगदीश मधुकर, पूर्व एल्डरमैन पिंटू भास्कर, क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण तथा लगभग 200 छात्र-छात्राएं व आमजन उपस्थित रहे। वहीं समापन पर एसपी रत्ना सिंह ने खेलों को स्वास्थ्य व नशा मुक्ति का प्रभावी माध्यम बताते हुए नशे से दूर रहने और नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस को देने की अपील की। सभी को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। जिला पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार कठोर कार्रवाई की जा रही है और जागरूकता कार्यक्रमों से जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ रहा है।


जिला कार्यालय में 5वीं वर्षगांठ पर- कलेक्टर ने दिलाई विशेष शपथ

नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में नशे के विरुद्ध सामूहिक शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने किया। इस अवसर पर जिला कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशीले पदार्थों के उपयोग के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की शक्ति होते हैं और उनका योगदान समाज और देश के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए यह आवश्यक है कि अधिक से अधिक युवा नशामुक्त भारत अभियान से जुड़ें और नशे के विरुद्ध जनजागरण को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि नशा समाज की उन्नति में बाधक है तथा इसे रोकने के लिए शासन और प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। स्थानीय स्तर पर समुदाय की सक्रिय भागीदारी ही नशे की बुराई को समाप्त करने का सबसे प्रभावी साधन है।


डीपीआरसी सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष ने दिलाई नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ

अमृत धारा स्थित डीपीआरसी सभागार में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम शर्मा के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह की अध्यक्षता तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू के मार्गदर्शन में जिला पंचायत एमसीबी की सामान्य सभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जिला पंचायत सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संचालन की शुरुआत नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सभी सदस्यों और अधिकारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाकर की गई, जहां सभी ने समाज को नशे से मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।


तीनों ब्लॉकों में महिला शक्ति ने संभाला मोर्चा - घर-घर पहुंचा संदेश

मनेंद्रगढ़ ब्लॉक में सुबह से ही सशक्त जागरूकता का माहौल रहा। स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने शपथ ली, जागरूकता रैली निकाली और पोस्टर, निबंध, वाद-विवाद एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से संदेश फैलाया। ग्राम पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत प्रेरक रही। महिलाओं ने घर-घर जाकर नशामुक्त समाज की अपील की। SHG समूहों ने बैठकों का आयोजन कर परिवारों को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया।


युवाओं की रैलियों ने भरी नई ऊर्जा - चौपालों में हुआ संवाद

तीनों विकासखण्डों में सुबह से ही रैलियों का उत्साहजनक वातावरण देखने को मिला। नशा मुक्ति के नारे लोगों को अपने घरों से बाहर निकाल रहे थे। युवाओं ने चौपालों में संवाद सत्र आयोजित किए और नशा उन्मूलन पर सार्थक चर्चा की। खेलकूद और दौड़ प्रतियोगिताओं ने अभियान में नई ऊर्जा का संचार किया।


नगर पंचायत क्षेत्रों में निकली जागरूकता यात्राएँ, पोस्टरों से गूंजी गलियां

झगराखांड, नई लेदरी समेत कई नगर पंचायत क्षेत्रों में जागरूकता मार्च का आयोजन हुआ। पोस्टरों, तख्तियों और नारों के माध्यम से समाज को नशा मुक्त बनाने की अपील की

 गई। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों ने बच्चों और अभिभावकों में नशे के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न की। बाल संरक्षण इकाई और चाइल्डलाइन टीम ने बच्चों को नशों के प्रकार, नुकसान और उनसे बचने के महत्व को समझाया।


महिला शक्ति बनी अभियान की नींव - गांव-गांव में जागी चेतना

आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित मातृ-सभाओं में महिलाओं ने दृढ़ निश्चय व्यक्त किया कि वे अपने परिवार में किसी भी प्रकार के नशे को स्थान नहीं देंगी। महिलाओं की यह प्रतिबद्धता अभियान की सबसे मजबूत कड़ी साबित हुई। उन्होंने माना कि सामाजिक परिवर्तन महिलाओं के नेतृत्व में ही स्थायी रूप से संभव है।


जनभागीदारी ने रचा इतिहास - समाज ने कहा “नशा अब नहीं”

पूरे जिले में आयोजित इस ऐतिहासिक अभियान ने यह सिद्ध कर दिया कि नशा मुक्ति अब सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक आंदोलन बन चुका है। रैलियों की गूंज, बच्चों की प्रस्तुतियाँ, किसानों की शपथ, महिलाओं की दृढ़ता और युवाओं के उत्साह ने मिलकर ऐसा वातावरण बनाया जिसमें हर व्यक्ति ने एक सुर में कहा “नशा अब नहीं।” यह जनजागरण दिवस अब जिले के इतिहास में दर्ज हो चुका है जिसने हर आयु वर्ग, हर वर्ग और हर क्षेत्र के व्यक्ति को नशे के खिलाफ खड़ा किया और यह संदेश दिया कि नशामुक्त समाज एक कल्पना नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प से प्राप्त किया जा सकने वाला वास्तविक लक्ष्य है।

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