लोकेशन नारायणपुर छत्तीसगढ़
संवाददाता खुमेश यादव
फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर नारायणपुर जिले में कामकाज ठप
नारायणपुर - आज जिला मुख्यालय नारायणपुर में साप्ताहिक बाजार धरना प्रदर्शन स्थल पर जिले भर के छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले कर्मचारी अधिकारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों लेकर आज सड़कों पर उतर कर रैली प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार मोदी गारंटी को राज्य में तत्काल लागू किया जाए और उन्होंने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न हुई तो आंदोलन आगे उग्र किया जाएगा,फिलहाल जिले के विभिन्न दफ्तरों में कामकाज पूरी तरह ठप्प होने से आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लोगऑफिसो के इधर-उधर भटके नजर आए, प्रशासनिक सेवा पूरी तरह बंद रही।यह निर्णय फेडरेशन की बैठक में लिया गया, जो दिनांक 15 जून 2025 को फेडरेशन अध्यक्ष श्री कमल वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने निम्नलिखित मांगों पर सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की—
फेडरेशन की 11 सूत्रीय प्रमुख माँगें
1. प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को मोदी की गारंटी अनुसार केन्द्र के समान 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय तिथि से दिया जाए।
2. जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि को जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाए।
3. वेतन विसंगति एवं अन्य मुद्दों पर गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
4. प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान क्रमशः 8 वर्ष, 16 वर्ष, 24 वर्ष एवं 30 वर्ष की सेवा उपरांत लागू किया जाए।
5. सहायक शिक्षक एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जाए।
6. प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति कर्मचारियों हेतु कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
7. प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू कर 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त की जाए तथा सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
8. मध्यप्रदेश की भांति कर्मचारियों को 300 दिवस अर्जित अवकाश का नगदीकरण प्रदान किया जाए।
9. एन.पी.एस. के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू कर सेवा गणना कटौती तिथि से की जाए एवं पूर्ण पेंशन हेतु स्पष्ट नीति बनाई जाए।
10. सभी विभागों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
11. कार्यरत कार्यभारित, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमतीकरण कर नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाए

