लोकेशन - कवर्धा छत्तीसगढ़
कवर्धा
प्रदेश में करोड़ों का शिक्षा बजट सिर्फ कागजों तक सीमित है ।
सहसपुर लोहारा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बड़ौदा खुर्द की हालत इस सवाल को ज़िंदा कर रही है।
स्कूल भवन की छत और दीवारें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि हर दिन पलस्तर भरभराकर गिर रहा है। मासूम बच्चे और शिक्षक जान जोखिम में डालकर कक्षाओं में बैठने को मजबूर हकलेक्टर के आदेश हवा-हवाईस्कूल खुलने से पहले जिला प्रशासन ने आदेश जारी किए थे कि सभी स्कूल भवनों की मरम्मत पूरी हो और बच्चों को सुरक्षित माहौल मिले। लेकिन हकीकत यह है कि बड़ौदा खुर्द का प्राथमिक विद्यालय अब भी मौत के साए में पढ़ाई करवा रहा है।
शिक्षकों की पुकार अनसुनी
विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि कई बार इस गंभीर स्थिति से विभाग और अधिकारियों को अवगत कराया गया, मगर अब तक किसी ने सुध नहीं ली।
बरसात ने बढ़ाई आफत
बरसात का पानी छत में भर रहा है, सीपेज से दीवारें कमजोर हो रही हैं और पलस्तर लगातार गिर रहा है। स्कूल भवन किसी भी वक्त हादसे की वजह बन सकता है।
ग्रामीणों की चिंता, सरकार की चुप्पी
गांव के लोगों का कहना है कि सरकार शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि बच्चों की पढ़ाई और जान दोनों खतरे में हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ होता रहेगा?

