लक्ष्मण रैकवार तेंदूखेड़ा
तेंदूखेड़ा----देश की संस्कृति एवं धर्म को बचपन मे ही ही बच्चो को सीखना पड़ता है।पहले यह शिक्षा गुरुकुलों में दी जाती थी और वर्तमान समय में स्कुलो के माध्यम से दी जाती है ताकि देश के बच्चो में शुरू से ही अपने देश की संस्क्रति तथा धर्म की जानकारी हो जाये।सरकार के द्वारा सस्कृति एवं धर्म को पाठ्यक्रमो में ही दाखिल किया गया है जिसको स्कुलो में पढ़ाया गया है।वही कुछ त्योहारों को स्कुलो में छोटे स्वरूप में सामूहिक रुप मे मनाते हैं जिससे बच्चो में समानता एवम सामंजस्य बना रहे।इसी तर्ज पर जिला परियोजना समन्यवक जिला शिक्षा केन्द्र दमोह के द्वारा एक आदेश दिनाक 12/8/25को जारी किया था ।आदेश क्रमांक जिला शिक्षा केन्द्र/अकादमिक2925/1330 के तहत जिला के सभी शासकीय एवं निजी शालाओ के प्राचार्यो को आदेशीत किया था कि दिनाक16/8/25को कृष्णजन्मष्टमी के दिन सभी शालाओ में बच्चो को बुलाकर कृष्ण जन्मष्टमी मनाएंगे।कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री कृष्ण के प्रसंगों उनके अवदान लोक कल्याणकारी जीवन गाथा से सम्बंधित संवाद आयोजित किये जावे।साथ ही बिद्यालयएवं स्थानीय स्तर पर साहित्यक, सामाजिक,एवं सामाजिक संस्थाओं को जोड़ा जावे।साथ ही बच्चो को राधा कृष्ण की वेश भूसा बनाकर उनके मातापिता को स्कूल में साथ मे बुलाए।इस अवसर पर स्कूल में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित करवाई जावे ।
भगवान श्री कृष्ण कब बाल स्वरूप के प्ले कार्ड को भेंट किये जायें।साथ ही आदेशित किया गया कि इस कार्यक्रम की फोटो ग्राफी करके बी आर सी एवं सम्बन्धित जनशिक्षक के वाट्सअप ग्रुप के माध्यम से भेजे।तेंदूखेड़ा ब्लाक की अधिकातर शालाओ में इस आदेश का पालन नही किया गया ओर उन शालाओ में दिन भर शालाओ में ताला पड़ा रहा।किसी भी जनशिक्षकों के द्वारा इस कार्यक्रमो की मॉनीटिरिंग नही की गई है।तेंदूखेड़ा बी आर सी के द्वारा भी इस आदेश को गम्भीरता से नही लिया गया ओर सभी प्राचार्यो को इस आदेश का कड़ाई के साथ पालन नही कराया गया और तेंदूखेड़ा जनपद के अतिकतर स्कुलो में कृष्णजन्मष्टमी नही मनाई गई।
पी पी सी मुकेश दिवेदी ने बताया है कि कुछ स्कुलो में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई है जिसके फ़ोटो बीडीओ मेरे पास आये हुए हैं ,जहा नही मनाई गई है बी आर सी से पता करते हैं क्यो नही मनाई गई है


