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मिलेट्स से स्वादिष्ट व्यंजन बना रही महिला समूह, बढ़ रही मांग और सफलता: NN81

 Reported By: Anil Joshi 

Edited By: Abhishek Vyas @abhishekvyas99


मिलेट्स से स्वादिष्ट व्यंजन बना रही महिला समूह, बढ़ रही मांग और सफलता: 

दुर्ग, 30 अप्रैल 2025/दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत बोराई में महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती भारती टंडन और उनके समूह की दीदीयां मिलेट्स (मोटे अनाज) से स्वादिष्ट व्यंजन बना रही हैं, जिससे न केवल उन्हें आत्मनिर्भरता मिल रही है, बल्कि उनके उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है।

बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती भारती टंडन ने 2018 से समूह के साथ काम करना शुरू किया। शुरुआत में उनके समूह ने मुरकु, पापड़ का निर्माण किया और उससे 10,000 रुपये का लाभ प्राप्त किया। बाद में, उन्होंने मसाला और खाद निर्माण में भी कदम रखा और इससे 60-70 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। खाद निर्माण से समूह को 2-3 लाख रुपये का फायदा हुआ। अब, श्रीमती टंडन और उनके समूह ने मिलेट्स (मोटे अनाज) से स्वादिष्ट व्यंजन बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। कृषि विज्ञान केंद्र अंजोरा से मिली प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने मिलेट्स से विभिन्न प्रकार के पकवानों का निर्माण शुरू किया। इस कदम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनके उत्पादों की मांग भी बढ़ी है।

हाल ही में श्रीमती भारती टंडन ने जिला पंचायत परिसर में अपना स्टाल लगाया और वहां अपनी बनाई हुई व्यंजन बेची। साथ ही, आईआईटी भिलाई में भी एक स्टाल लगाया गया, जिसमें 66,000 रुपये का विक्रय हुआ और 30,000 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। श्रीमति टंडन बताती हैं कि वर्तमान में मिलेट्स और अन्य कार्यों से वे 3-4 लाख रुपये का लाभ कमा रही हैं और वे अब “लखपति दीदी“ के रूप में काम कर रही हैं। मिलेट्स को पोषक तत्वों से भरपूर और ग्लूटन-फ्री होने के कारण बहुत महत्व दिया जा रहा है, और इन्हें “श्रीअन्न“ के नाम से भी जाना जाता है।

स्व-सहायता समूह के सदस्य सीमा बाई, नंदकुमारी, सेज बाई, वर्षा, द्रौपती, चित्ररेखा, ज्योति, निर्मला, प्रमिला बंजारे मिलकर रागी, बाजरे का लड्डू, सलोनी, खुर्मी, अनरसा, ठेठरी और अन्य गरम नास्ते जैसे पकवान तैयार कर रहे हैं। वे कोदो की खिचड़ी, इडली, पकोड़े और अन्य व्यंजन भी बना रहे हैं। श्रीमती भारती टंडन और उनके समूह की महिलाएं मिलेट्स से बने स्वादिष्ट व्यंजनों के माध्यम से अपनी आत्मनिर्भरता बढ़ा रही हैं और दूसरों के लिए एक प्रेरणा बन रही हैं।

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