छत्तीसगढ़ पोड़ी उपरोड़ा
नानक राजपूत
स्लग :- तानाखार से बर्तराइ जंगल से बीती रात 2 बजे गौ कि तस्करी, 150 कि संख्या मे थे गाय और बैल, पकड़ से बाहर।
कोरबा जिले के पोड़ी ब्लाक में गौ तस्करों का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है. आधी रात को खुलेआम तस्कर गाय बैल की तस्करी करते देखे जाते है. पिछले कुछ महीनो पहले ही बांगो मे गाये से भरी पिकप पकड़ी गई थी जिस पर आरोपी कि तलाश कर गिरफ्तारी भी कि गई, लेकिन फिर भी तस्करो के हौसले बुलंद होते जा रहे हैँ और यह समस्या जस कि तस बनी हुई हैँ।
बीती रात करीब 2 बजे तानाखार से बरतरई जाने वाले घने जंगल मे लगभग 150 कि संख्या मे अलग अलग गुटों मे गाये को ले जाया जा रहा था, गाये को खदेड़ने के लिए प्रत्येक गुटों मे दो दो व्यक्ति लगे हुए थे वही गौ सेवकों कि संख्या महज दो ही थी फिर हिम्मत दिखाकर ज़ब गौ सेवको ने गाये के संबंध मे जानकारी ली तो तस्कर गोल मोल जवाब देने लगे और कहने लगे कि गाय बैल को छुरी के मवेशी बाजार ले जाया जा रहा, लेकिन तस्करो मे पास वैध दस्तावेज नहीं थे ना ही उन्होंने अपना पहचान पत्र दिखाया, यूँ कहे तो पूरी तरह से वेल ट्रेनिंग किये तस्करो को उनके गुरूओ ने समझा बुझा कर भेजा था, ताकि सच्चाई बाहर ना आ सके और मौके वारदात मे पकड़े ना जाए। घने जंगलो मे गौ सेवक अपने परिचित दोस्तों से सम्पर्क करना चाहा लेकिन किस्मत बूरी रहि कि कीन्ही ने इतने रात को फोन रिसीव नहीं किया वही कटघोरा थाना अंतर्गत आने के वजह से गौ सेवक भी रात को थाना सम्पर्क करने मे संकोच करने लगे वही कुछ अप्रिय घटना ना घटे इसलिए गौ सेवक भी जगह मे रुकना उचित नहीं समझा और सड़को कि रास्तो से गौ सेवक अपने घर चले गए,
लेकिन इस नजारे के बाद ये तो पुखता हो गया कि महीने के दो से तीन बार गाये बैलो कि बड़ी मात्रा मे तस्करी इन्ही रास्तो से होकर कि जाती हैँ तानाखार से मानगूरू जंगल होते हुए घोघरा पार कर बसाहट से रिंगनिया सरभोका होते हुए पैदल पैदल गायों को सुने स्थान पर रोककर बडी कंटेनर गाडी कि मदद से गायों को भरा जाता हैँ और झारखण्ड के बाडर सप्लाय किया जाता हैँ, घने जंगलो का फ़ायदा उठाते हुए तस्कर असानी से तस्करी करते हैं और लाखों कमाते हैं।


