संवाददाता : अनिल मालवीय
हरदा जिले के खिरकिया। ग्राम भागपूरा निवासी चित्रा बाई पति रमेशचंद आदिवासी द्वारा मीडिया के समक्ष दिए गए बयान में थाना छीपाबड़ में पदस्थ एएसआई राजेंद्र मीणा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महिला का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन बंद कराने के दौरान एएसआई द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया, जिससे उसकी लज्जा भंग हुई। महिला ने इस संबंध में वीडियो बयान भी जारी किया है।
दूसरी ओर एएसआई राजेंद्र मीणा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि चित्रा बाई द्वारा पूर्व में चोरी की शिकायत थाना छीपाबड़ में दी गई थी, जिसकी प्रारंभिक जांच हेड कांस्टेबल मुरारी दुबे द्वारा की गई थी। बाद में मामले की जांच उन्हें सौंपी गई।
एएसआई मीणा के अनुसार, शिकायत की जांच के दौरान थाना प्रभारी मुकेश गौड़ के निर्देशन में दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। जांच में कथित चोरी की घटना प्रथम दृष्टया प्रमाणित नहीं होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई थी।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा लगातार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई जा रही थी। इसी क्रम में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सोलंकी तथा बड़नगर निवासी राजेश सारण की उपस्थिति में चित्रा बाई के पुत्र एवं बहु की उपस्थिति मे पूर्व दो माह पहले मोबाइल के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन के संबंध में बातचीत हुई। इस दौरान थाना प्रभारी को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया तथा दोनों पक्षों को थाना बुलाकर उनके कथन दर्ज किए गए। उस समय चित्रा बाई द्वारा ऐसी कोई बात थाना प्रभारी को नहीं बताई न ही कोई शिकायती आवेदन पत्र दिया दो माह बाद मेरे खिलाफ झूठा आवेदन पत्र दिया जो निराधार है। एएसआई राजेंद्र मीणा का कहना है कि जिस दिन की घटना का उल्लेख किया जा रहा है, उस दिन चित्रा बाई ने उनके विरुद्ध कोई लिखित शिकायत या आवेदन नहीं दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप असत्य एवं बेबुनियाद हैं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाना आवश्यक है, जिससे वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।

