पाटन/अमलेश्वर। पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका अमलेश्वर और नगर पालिका कुम्हारी को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित मगरघटा–परसदा पुल का निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर क्षेत्रवासियों में एक बार फिर पुल निर्माण की मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। इस मुद्दे को लेकर अमलेश्वर मंडल क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लंबे समय से शासन-प्रशासन के समक्ष पुल निर्माण की मांग उठाते रहे हैं। प्रशासन की ओर से पुल की स्वीकृति मिलने की जानकारी दी जाती रही है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र के लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
वर्तमान में आवागमन के लिए बनाए गए एप्रोच मार्ग की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है। यह मार्ग रायपुर आने-जाने का प्रमुख संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ मगरघटा के स्कूली बच्चों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पुल नहीं बनने के कारण इस वर्ष मगरघटा के कई विद्यार्थियों ने परसदा हाई स्कूल में प्रवेश नहीं लिया, जिससे विद्यालय की छात्र संख्या भी प्रभावित हुई है। उल्लेखनीय है कि मगरघटा और परसदा क्षेत्र के लिए हाई स्कूल की स्वीकृति पहले ही प्रदान की जा चुकी है।
क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि 20 जुलाई को जामगांव (एम) में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान अमलेश्वर नगर पालिका के अध्यक्ष एवं पार्षदगण संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपकर मगरघटा–परसदा पुल निर्माण की मांग को प्रमुखता से उनके संज्ञान में लाएंगे। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण पुल निर्माण कार्य को शीघ्र गति मिलेगी।

