आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, लंबित मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार :
भीलवाड़ा : अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ (पंजीकृत) के आह्वान पर प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन महाहड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। इसी क्रम में आंगनबाड़ी संघ ब्लॉक सवाणा, जिला भीलवाड़ा ने भी बाल विकास परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार और तालाबंदी की सूचना दी।
संघ ने बताया कि चुनावी घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, सम्मानजनक मानदेय, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये तथा पेंशन देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा लगातार नए-नए ऑनलाइन और अन्य विभागों के कार्य सौंपे जाने से कार्यकर्ता मानसिक रूप से परेशान हैं।
संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
प्रमुख मांगें :
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियमित सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।
मानदेय बढ़ाकर 24,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
प्रत्येक माह 1 से 10 तारीख के बीच समय पर मानदेय का भुगतान हो।
राज्य एवं केंद्र सरकार का मानदेय एक साथ जारी किया जाए।
अन्य विभागों के कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों पर नहीं थोपे जाएं।
ग्रीष्मकालीन एक माह एवं शीतकालीन 10 दिन का अवकाश बिना कटौती के दिया जाए।
निजी विद्यालयों में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश रोका जाए, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बनी रहे।
मोबाइल रिचार्ज भत्ता बढ़ाया जाए तथा बेहतर गुणवत्ता के स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएं।
सेक्टर एवं अन्य बैठकों में टीए (यात्रा भत्ता) दिया जाए।
ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यों के दबाव और नोटिस देकर हटाने की धमकियों पर रोक लगाई जाए।
स्नातक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर महिला सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति दी जाए।
दीपावली पर सम्मान स्वरूप बोनस दिया जाए।
सरकारी विद्यालयों की तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी समान अवकाश का लाभ मिले।
उड़ान योजना का कार्य महिला अभिकरण (ग्राम सचिवों) को सौंपा जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार यदि शीघ्र मांगों पर निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं विभाग की होगी।

