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हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के गोस्वामी सदस्यों को सौंपा गया ज्ञापन, अन्य सक्षम प्राधिकारियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी गई प्रतियां : NN81


 

हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के गोस्वामी सदस्यों को सौंपा गया ज्ञापन, अन्य सक्षम प्राधिकारियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी गई प्रतियां : 

बाँके बिहारी मंदिर कॉरिडोर हेतु मंदिर निधि से हुई भूमि खरीद की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग ; 

ठा. श्री बाँके बिहारी जी महाराज मंदिर की होलिस्टिक डेवलपमेंट (कॉरिडोर) परियोजना के अंतर्गत मंदिर निधि से की गई भूमि खरीद प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग को लेकर आज हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के गोस्वामी सदस्यों को एक विस्तृत प्रार्थनापत्र/ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि पंजीकरण विभाग (IGRS) से प्राप्त विक्रय विलेखों, उपलब्ध अभिलेखों एवं अन्य तथ्यों के अध्ययन से प्रथम दृष्टया भूमि खरीद प्रक्रिया में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक प्रतीत होती है। ज्ञापन में किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने के बजाय संपूर्ण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

ज्ञापन में विभिन्न संपत्तियों के मूल्यांकन में असमानता, एक ही मूल संपत्ति के अलग-अलग भागों के लिए प्रति वर्गमीटर दरों में उल्लेखनीय अंतर, सड़क की चौड़ाई संबंधी अभिलेखों में विसंगतियां, कुछ संपत्तियों के संबंध में प्राप्त शिकायतें, विवादित संपत्तियों के क्रय, गोस्वामी सदस्यों को अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने तथा माननीय उच्चतम न्यायालय के दिनांक 16 जून 2026 के आदेश के उपरांत की गई कार्यवाहियों की वैधानिकता सहित अनेक बिंदुओं पर स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

ज्ञापन में यह भी अनुरोध किया गया है कि कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत मंदिर निधि से किए गए सभी भूमि क्रय, मूल्यांकन रिपोर्ट, भुगतान अभिलेख, उपसमिति की कार्यवाही, स्वीकृतियां एवं संबंधित अभिलेखों का किसी स्वतंत्र एवं सक्षम एजेंसी से परीक्षण कराया जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, नियमों के उल्लंघन अथवा मंदिर निधि के दुरुपयोग के तथ्य सामने आते हैं तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और अब तक हुई सभी रजिस्ट्रीयां रद्द या अवैध की जाएं। 

साथ ही भविष्य में मंदिर निधि से होने वाले प्रत्येक भूमि क्रय के लिए एक समान, पारदर्शी एवं सार्वजनिक मूल्यांकन नीति निर्धारित किए जाने की भी मांग की गई है, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था एवं मंदिर प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।

दीपक पाराशर ने कहा कि यह ज्ञापन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है, बल्कि ठा. श्री बाँके बिहारी जी महाराज मंदिर की पवित्र निधि, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तथा सार्वजनिक विश्वास की रक्षा के उद्देश्य से दिया गया है। यदि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच में समस्त कार्यवाही नियमों के अनुरूप पाई जाती है तो इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। वहीं यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई होना भी उतना ही आवश्यक है।

ज्ञापन की एक प्रति आज हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के सभी गोस्वामी सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से (बाय हैंड) उपलब्ध कराई गई।

इसके अतिरिक्त ज्ञापन की प्रतिलिपियां माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश, हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री अशोक कुमार जी, सचिव हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी, जिलाधिकारी मथुरा (सदस्य-सचिव), प्रमुख सचिव धार्मिक कार्य विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, मंडलायुक्त आगरा तथा उप निबंधक सदर, मथुरा को स्पीड पोस्ट/पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रेषित की गई हैं, ताकि संबंधित प्राधिकारी इस विषय पर आवश्यक संज्ञान लेकर नियमानुसार उचित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें।

ज्ञापन देने वालों में सोहन लाल मिश्र, रुक्मणि रमण गोस्वामी, पुनीत बल्लभ गौतम, अलौकिक शर्मा, कूका गुरु, मनमोहन गोस्वामी, नीरज गौतम, मनीष शर्मा, दीपक पाराशर आदि लोग उपस्थित थे।

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