शिवपुरी | नितिन राजपूत
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खरवाया में तालाब (तलैया) निर्माण के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों पुराने तालाब को ही रातों-रात जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से दोबारा नया दिखाकर सरकारी राशि का भुगतान कर लिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित तालाब का निर्माण वर्ष 2002 के आसपास किया गया था। आरोप है कि हाल ही में उसी पुराने तालाब की रात के समय जेसीबी और ट्रैक्टर से सफाई एवं हल्का-फुल्का कार्य कर उसे नया निर्माण दर्शा दिया गया और निर्माण कार्य के नाम पर सरकारी राशि निकाल ली गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय सरपंच और सचिव की मौजूदगी में मशीनों से कार्य कराया गया। उनका आरोप है कि पूरे मामले में नियमों की अनदेखी कर सरकारी धन के दुरुपयोग की कोशिश की गई है।
मामले को लेकर जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित सब-इंजीनियर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। वहीं शिकायत जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) तक पहुंचने के बाद उन्होंने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
अब ग्रामीणों की निगाहें जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला उजागर हो सकता है। हालांकि, इस मामले में सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
(नोट: यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

