संवाददाता : प्रदीप बैरागी
उज्जैन | दिनांक: 10 जुलाई 2026
श्री वैष्णव बैरागी समाज चतुः सम्प्रदाय, मध्यप्रदेश एवं प्रदेश के विभिन्न पुजारी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में महाकाल की नगरी उज्जैन से "सनातन पुजारी न्याय यात्रा" का ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विशाल जनसमूह की उपस्थिति में पुजारियों ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
यात्रा के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय, उज्जैन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश के पुजारियों की मूलभूत समस्याओं एवं अधिकारों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण मांगें प्रमुखता से रखी गईं।
प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
प्रदेश के समस्त पुजारियों को संपूर्ण कृषक का दर्जा प्रदान किया जाए।
मंदिरों की भूमि की नीलामी पर पूर्णतः रोक लगाई जाए।
गौ माता को राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा प्रदान किया जाए।
मठ एवं मंदिरों को सरकारीकरण से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
पुजारियों के सम्मान, सुरक्षा एवं सामाजिक-आर्थिक अधिकारों की रक्षा हेतु विशेष नीति बनाई जाए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ही इन न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसी प्रकार सनातन पुजारी न्याय यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर भोपाल में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन महाआंदोलन भी किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस ऐतिहासिक आयोजन में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ राजस्थान, गुजरात, हरियाणा सहित अनेक राज्यों से आए हजारों पुजारी बंधुओं, संत-महात्माओं एवं समाजजनों ने सहभागिता कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। महाकाल की नगरी में उमड़ा यह जनसैलाब सनातन परंपरा, पुजारी सम्मान और धार्मिक अधिकारों की रक्षा के संकल्प का प्रतीक बना।
आयोजकों ने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने वाले सभी संत-महात्माओं, पुजारी बंधुओं, समाजजनों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य की रक्षा का आंदोलन है।
जय श्री महाकाल।जय श्री राम।जय विष्णु – जय वैष्णव


