संवाददाता - शकील वारूणकर
रायगड़ महाराष्ट्र : पिछले दो दिनों से माथेरान में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज़ हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सैकड़ों पेड़ उखड़कर गिरने से शहर की बिजली, पानी की आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क तीन दिनों तक ठप रहे। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर माथेरान के पर्यटन व्यवसाय पर पड़ा है।
रविवार को 408 मिमी और सोमवार को 276 मिमी वर्षा दर्ज की गई। तेज़ बारिश और आंधी के कारण शहर में कई पेड़ सड़कों तथा कुछ घरों पर गिर गए। इससे कई रास्ते बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
माथेरान नगर परिषद के आपदा प्रबंधन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया। पर्यटकों और नागरिकों की आवाजाही शुरू रहे, इसके लिए कर्मचारियों ने दिनभर मेहनत कर रास्ते साफ किए।
पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनों को भारी नुकसान पहुँचा, जिससे शहर में लगातार तीन दिन तक बिजली बंद रही। मंगलवार (7 जुलाई) दोपहर से कुछ क्षेत्रों में बिजली बहाल हुई, लेकिन सभी इलाकों में सेवा पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।
बिजली बंद रहने के कारण पानी की समस्या भी प्रभावित हुई। साथ ही मोबाइल टावर बंद होने से लगभग तीन दिनों तक मोबाइल नेटवर्क भी बाधित रहा।
इस संकट के कारण माथेरान के होटल, पर्यटन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा है। प्रशासन शहर का जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

