पद्मश्री पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, छत्तीसगढ़ की लोककला जगत में शोक की लहर : NN81
दुर्ग/अहिवारा, 5 जुलाई। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत श्रीमती तीजन बाई का रविवार तड़के रात्रि 3:15 बजे रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश सहित देशभर के लोककला प्रेमियों, कलाकारों और उनके चाहने वालों में गहरा शोक व्याप्त है।
तीजन बाई दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गनियारी की निवासी थीं। उन्होंने अपने अद्भुत गायन, प्रभावशाली मंच प्रस्तुति और पंडवानी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनका संपूर्ण जीवन लोककला के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा।
परिवार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज रविवार, 5 जुलाई को उनके पैतृक ग्राम गनियारी के मुक्तिधाम में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके निधन की जानकारी उनकी पोती भावना ने दी।
तीजन बाई के निधन पर लोकमंजरी परिवार एवं कला परम्परा सहित अनेक सांस्कृतिक, सामाजिक एवं साहित्यिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्रद्धांजलि संदेश में कहा गया कि तीजन बाई का जाना केवल एक महान लोक कलाकार का निधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है। आने वाली पीढ़ियाँ उनके योगदान को सदैव स्मरण करेंगी।
तीजन बाई ने पंडवानी की समृद्ध परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और अपनी विशिष्ट शैली से लाखों लोगों के हृदय में अमिट स्थान बनाया। उनकी कला, सादगी और संघर्षपूर्ण जीवन सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दें। भावभीनी श्रद्धांजलि।

