सऻवाददाता : मुमताज अली सैय्यद
विकसित भारत-जी राम जी' योजना का शुभारंभ, ग्रामीण विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति- MLA विनोद अग्रवाल:
केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण भारत के समग्र विकास और रोजगार सृजन को नई दिशा देने के उद्देश्य से 'विकसित भारत–जी राम जी (VB-G RAM G)' योजना कानून वर्ष 2025 में लागू किया गया। यह योजना 1 जुलाई 2026 से संपूर्ण देश में लागू की गई है। जिसके तहत गोंदिया जिले में गोंदिया तहसील के सावरी ग्राम से इसकी शुरुआत होने जा रही है। इसके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार, कृषि आधारित विकास, कौशल प्रशिक्षण तथा ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना हमारा प्रयास है। उक्त आशय क्षेत्र के विधायक विनोद अग्रवाल ने व्यक्त किए।
विधायक विनोद अग्रवाल जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा ग्राम सावरी में आयोजित विकसित भारत जी राम जी योजना के शुभारंभ अवसर पर बतौर उद्घाटक के रूप में बोल रहे थे।
इस अवसर पर जिला परिषद के अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर, कार्यक्रम के अध्यक्ष जिलाधिकारी मंदार पत्की, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेनित चन्द्रा दोंतुला, पंस सभापति मुनेश रहांगडाले, उपजिलाधिकारी भैय्या साहब बेहरे, जीप सदस्य दीपा चन्द्रिकापुरे, पूजा अखिलेश सेठ, नंदा वाढ़िवा, एसडीओ चन्द्रभान खंडाईत, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी जिप विजय लोंढे, बीडीओ जितेंद्र देवरे, तहसीलदार शमशेर पठान, पंस सदस्य शैलजा सोनवाने प्रमुखता से उपस्थित रहे।
इस योजना में नजर डालते हुए विधायक विनोद अग्रवाल ने कहा, नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। मजदूरी का भुगतान 8 दिनों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से किया जाएगा। समय पर काम उपलब्ध नहीं होने पर बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान रखा गया है।
उन्होंने कहा, योजना के अंतर्गत गांवों में जल संरक्षण, तालाब निर्माण, खेत सड़क, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, वृक्षारोपण, चारागाह विकास, ग्रामीण संपर्क मार्ग, वर्षा जल संरक्षण, सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण, स्कूल, आंगनबाड़ी, ग्राम पंचायत भवन, वाचनालय तथा अन्य आधारभूत विकास कार्य किए जा सकेंगे। इसके साथ ही ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
इस योजना के माध्यम से खेत तालाब, मेड़बंदी, सिंचाई संरचनाएं, जल संरक्षण, भूमि सुधार तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने वाले कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी। इससे खेती की लागत कम होगी, सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
ग्रामीण श्रमिकों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार मिलने के साथ कौशल विकास एवं आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, जिससे केवल मजदूरी ही नहीं बल्कि स्थायी आय के अवसर भी विकसित होंगे।
ग्राम पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की योजना बनाने और क्रियान्वयन का अधिक अवसर मिलेगा। गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जिससे आधारभूत सुविधाओं के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
विधायक श्री अग्रवाल ने कहा, यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, आजीविका, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को एकीकृत कर 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विधायक विनोद अग्रवाल ने प्रशासन का ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि, योजना में काम करते वक्त रेशो मेंटनेंस पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। वर्तमान में गलत नीतियों के तहत कार्य करने के चलते अनेकों के भुगतान लटके हुए है। जिसे लेकर हमनें राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से भेंट कर मामला संज्ञान में लाया है। जल्द ही राज्य सरकार केंद्र से पत्र व्यवहार कर इसका समाधान करेगी हमें उम्मीद है। नई योजना में 60 प्रतिशत केंद्र की एवं 40 प्रतिशत राज्य सरकार की भागीदारी है। ऐसे में अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि रेशो मेंटनेंस के तहत कार्य करे ताकि आने वाले समय में किसी भी तरह की भुगतान सम्बंधी समस्या निर्माण हो।

