भैरमगढ़। बेला जोड़ी में जल संसाधन विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन निर्माण के आरोप सामने आए हैं। निर्माण स्थल की स्थिति देखकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की कथित मिलीभगत के चलते सरकारी राशि का खुलकर दुरुपयोग किया जा रहा है।
निर्माण स्थल पर मौजूद संरचना को देखकर ही गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य में तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। निर्माण स्थल पर पानी भरा हुआ है, जबकि कंक्रीट कार्य की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा जल्दबाजी में काम निपटाने के लिए गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि संबंधित इंजीनियर लिकेश नागवंशी, एसडीओ प्रदीप डोंगरे एवं ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो करोड़ों रुपये की लागत से बन रही यह संरचना भविष्य में जवाब दे सकती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था लगभग नदारद है और जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में निगरानी कर रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि कार्य पूरी तरह मानकों के अनुरूप है तो स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने से विभाग और ठेकेदार क्यों बच रहे हैं?
क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर बीजापुर, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता तथा राज्य शासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, उपयोग की गई सामग्री की लैब जांच हो तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
संवाददाता विकास सिंह
