संवाददाता : राजकुमार राऊत
दिल्ली में ओबीसी का विराट शक्ति प्रदर्शन, हजारों आवाज़ों ने सरकार तक पहुंचाया अपना संदेश :
देशभर से उमड़ा जनसैलाब, जंतर-मंतर बना सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और ओबीसी अधिकारों की राष्ट्रीय हुंकार का केंद्र :
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर 27 जून को अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ के नेतृत्व में ओबीसी समाज का विशाल राष्ट्रीय आंदोलन आयोजित किया गया। इस आंदोलन में देश के कोने-कोने से हजारों समाजबंधु, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूरे जंतर-मंतर परिसर में "ओबीसी-ओबीसी" के नारों की गूंज सुनाई देती रही और सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना, समान भागीदारी तथा संवैधानिक अधिकारों की मांग पूरे जोश के साथ उठाई गई।
सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. खुशाल बोपचे ने कहा कि ओबीसी समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार, प्रतिनिधित्व और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से जातिगत जनगणना शीघ्र कराने, सामाजिक न्याय को प्रभावी रूप से लागू करने तथा ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की।
इस ऐतिहासिक आंदोलन को सफल बनाने में महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. गणेश भाऊ पारधी की भूमिका विशेष रूप से प्रभावशाली रही। आंदोलन की संपूर्ण तैयारियों, विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधिमंडलों के समन्वय, कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन तथा संगठनात्मक व्यवस्थाओं में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई। उनकी सक्रियता और नेतृत्व के कारण हजारों कार्यकर्ता एकजुट होकर आंदोलन का हिस्सा बने। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता, संगठन और जागरूकता है तथा अब समय आ गया है कि समाज अपने संवैधानिक अधिकारों और सम्मान के लिए संगठित होकर निर्णायक संघर्ष करे।
मंच पर पूर्व मंत्री मा. छबीलाल रात्रे, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. खुशाल बोपचे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. गणेश भाऊ पारधी, संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. गोपाल ऋषिकेश भारती, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मा. हेमंत यादव, तेली समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. एड. रमेश पिसे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. अनिल नागबोध सहित अनेक राष्ट्रीय, प्रादेशिक एवं जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने ओबीसी समाज की एकता, संगठन और अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान हजारों कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से प्रदर्शन करते हुए जातिगत जनगणना, शिक्षा एवं रोजगार में समान भागीदारी तथा सामाजिक न्याय के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय भागीदारी ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. खुशाल बोपचे एवं मा. गणेश भाऊ पारधी ने आंदोलन को सफल बनाने वाले सभी सामाजिक संगठनों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, युवा साथियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ओबीसी समाज के अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय के लिए चल रहे राष्ट्रीय जनजागरण का सशक्त संदेश है, जो आने वाले समय में और अधिक व्यापक स्वरूप धारण करेगा।

