Type Here to Get Search Results !

🔴LIVE TV

जल संचय-जन भागीदारी अभियान में डिण्डौरी की उल्लेखनीय उपलब्धि, वेस्टर्न जोन में प्रथम एवं देश में तीसरा स्थान...........NN81





डिंडौरी      जल संचय-जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत डिण्डौरी जिला प्रशासन एवं जनभागीदारी के माध्यम से जिले में व्यापक स्तर पर जल संरक्षण एवं जल संचयन के कार्य किए गए हैं। अभियान के तहत कुएं, बावड़ियां, नहर, तालाब, जलाशय, हैंडपंप, कूप, नल-जल कनेक्शन, खेत तालाब, अमृत सरोवर तथा  डगवेल रिचार्ज, हैंडपंप रिचार्ज, कंटूर ट्रेंच , गली प्लग , गेबियन, परकोलेशन टैंक, चेक डैम, रिचार्ज पिट, बोरी बंधान, ड्रिप इरिगेशन,मटका सिंचाई पद्धति जैसे विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण एवं संरक्षण कार्य किया गया। इसके साथ ही शासकीय एवं अशासकीय भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं विकसित की गईं।

             अभियान के दौरान गांव-गांव में सोखता टैंक निर्माण कर घरों से निकलने वाले बहते पानी को संरक्षित करने की दिशा में विशेष प्रयास किए गए। प्रत्येक घर में सोखता टैंक निर्माण से वर्षा जल का पुनर्भरण सुनिश्चित हो रहा है, जिससे भूमिगत जल स्तर में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ी हैं।

            जलसंचय जनभागीदारी अंतर्गत में 8,03,979 स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, जिसमें डगवेल रिचार्ज  – 8990, हैंडपंप रिचार्ज – 2,257, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग – 16,719 कंटूर ट्रेंच –172543, गली प्लग – 16312, गेबियन – 1,922, परकोलेशन टैंक – 1354, खेत तालाब – 10012, तालाब – 2395, चेक डैम – 6,687, रिचार्ज पिट – 61,254 बोरी बंधान – 3,441, ड्रिप इरिगेशन – 8412 तथा SRLM के दीदियों के सहयोग से मटका सिंचाई पद्धति से प्रति पौधों को सिंचाई किए जाने के 35,000 पौधों पर जिले में कार्य किया गया है। महिला बाल विकास द्वारा ड्रिप इरिगेशन 2797 कार्य कराये गए ,स्वास्थ्य विभाग द्वारा भवनों में सोक पिट रिचार्ज के 1945 कार्य कराया गया | लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सिभाग द्वरा 7054 स्टैंड पोज के पास सोक पिट बनवाए गए।

          जल संरक्षण एवं जल संचयन के क्षेत्र में किए गए इन नवाचारों और सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप आदिवासी बाहुल्य जिला डिण्डौरी ने प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। देश को चार जोन में बांटा गया है ईस्ट, वेस्ट, नार्थ, साउथ जिसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र वेस्ट जोन में डिंडौरी जिला प्रथम तथा देश में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। 

            कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने इस उपलब्धि के लिए सभी प्रशासनिक अधिकारियों, मैदानी अमले, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण अभियान सफल हो सकते हैं। उन्होंने भविष्य में भी जल संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों को निरंतर जारी रखने की अपील की।

आरिफ रजा 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Advertisement

#codes