उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) के अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजगढ़ के वाणिज्य विभाग में बी.कॉम. इन (बैकिंग बैंकिंग, फाइनेंस एवं इंश्योरेंस) पाठ्यक्रम में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इस पाठ्यक्रम में निर्धारित सीट संख्या 100 है। महाविद्यालय द्वारा इस रोजगारोन्मुखी एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में बी.कॉम. प्रथम वर्ष में 16 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार एईडीपी पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ उद्योग उन्मुख अनुभव प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत अंतिम वर्ष में विद्यार्थियों को 6 से 12 माह तक अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलेगा तथा प्रतिमाह 10 से 12 हजार रूपये तक स्टाइपेंड प्राप्त करने का प्रावधान भी है। पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता एवं व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि होगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी.बी. खरे ने बताया कि वर्तमान समय में बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। बीकॉम इन बीएफएसआई पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं उद्योग आधारित शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे वे रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से इस रोजगारपरक पाठ्यक्रम में अधिक से अधिक ऑनलाइन प्रवेश लेने की अपील की।
पाठ्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. प्रकाश कुमार अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कोर्स विद्यार्थियों को आधुनिक बैंकिंग प्रणाली, बीमा सेवाओं, निवेश प्रबंधन एवं वित्तीय कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करेगा। साथ ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं अप्रेंटिसशिप के माध्यम से उद्योगों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। महाविद्यालय प्रशासन ने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों से शीघ्र ऑनलाइन प्रवेश लेने का आग्रह किया है। इच्छुक विद्यार्थी महाविद्यालय में संपर्क कर प्रवेश प्रक्रिया एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पवन अहिरवाल
